
पश्चिम बंगाल: शुभेंदु सरकार की दूसरी कैबिनेट बैठक में बड़े फैसले,7वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी सहित महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा और अन्नपूर्णा योजना को मंजूरी
NTN REPORT// कोलकाता। पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार की दूसरी कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। सरकार ने महिलाओं के लिए 1 जून से राज्य परिवहन बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा शुरू करने का ऐलान किया है। साथ ही अन्नपूर्णा योजना को भी मंजूरी दी गई है, जिसे सरकार की बड़ी जनकल्याणकारी योजना माना जा रहा है।

कैबिनेट बैठक के बाद महिला एवं बाल विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने प्रेस वार्ता में फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार महिलाओं को आर्थिक राहत देने और सामाजिक सुरक्षा मजबूत करने के उद्देश्य से कई नई योजनाएं लागू कर रही है।
महिलाओं को 1 जून से मुफ्त बस यात्रा की सुविधा
सरकार ने घोषणा की है कि 1 जून 2026 से पश्चिम बंगाल की महिलाओं को राज्य में बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी। सरकार का दावा है कि इससे लाखों महिलाओं को रोजमर्रा के खर्चों में राहत मिलेगी और उनकी आवाजाही अधिक आसान होगी।

अन्नपूर्णा योजना को मिली मंजूरी
कैबिनेट बैठक में अन्नपूर्णा योजना को औपचारिक मंजूरी दे दी गई। सरकार के अनुसार, लक्ष्मी भंडार योजना का लाभ लेने वाली महिलाओं को स्वतः ही अन्नपूर्णा भंडार योजना का लाभ मिलेगा।
मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने बताया कि जिन पात्र लोगों को अब तक योजना का लाभ नहीं मिला है, उनके लिए जल्द ही एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया जाएगा, जहां आवेदन प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।
सरकार ने यह भी घोषणा की कि जिन लोगों ने CAA के तहत आवेदन किया है और जिनके मामले अभी ट्रिब्यूनल में लंबित हैं, उन्हें भी अन्नपूर्णा योजना का लाभ दिया जाएगा।
7वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी
शुभेंदु सरकार ने राज्य कर्मचारियों के लिए 7वें वेतन आयोग के गठन को भी मंजूरी दी है। इसके बाद कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और अन्य सुविधाओं को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। हालांकि देश के कई अन्य राज्यों में पहले से 8वें वेतन आयोग की तैयारियां चल रही हैं।
धर्म आधारित सहायता योजनाएं होंगी बंद
सरकार ने धार्मिक परियोजनाओं और धर्म आधारित सहायता योजनाओं को लेकर भी बड़ा फैसला लिया है। प्रेस ब्रीफिंग में बताया गया कि इस महीने तक धार्मिक गतिविधियों से जुड़े प्रोजेक्ट जारी रहेंगे, लेकिन अगले महीने से इन्हें बंद कर दिया जाएगा।
इसके तहत मदरसा विभाग और सूचना एवं सांस्कृतिक विभाग के अंतर्गत संचालित धर्म आधारित सहायता योजनाओं को भी बंद करने का निर्णय लिया गया है। सरकार का कहना है कि प्रशासनिक संसाधनों को अब अन्य विकास योजनाओं की ओर केंद्रित किया जाएगा।
पहली कैबिनेट बैठक में भी हुए थे बड़े फैसले
नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में भी कई अहम निर्णय लिए गए थे। इनमें सबसे प्रमुख फैसला आयुष्मान भारत योजना को पश्चिम बंगाल में लागू करने का था।
पहली कैबिनेट बैठक के प्रमुख फैसले
- आयुष्मान भारत योजना को राज्य में लागू करने का निर्णय लिया गया। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इसके क्रियान्वयन पर काम करेंगी।
- नियमों के अनुसार आईपीएस और आईएएस अधिकारियों को केंद्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने की अनुमति दी गई।
- राज्य में भारतीय न्याय संहिता (BNS) लागू करने का फैसला लिया गया। सरकार ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने इसे लागू नहीं किया था और अब तक आईपीसी तथा सीआरपीसी के पुराने प्रावधानों पर काम हो रहा था।
- सीमावर्ती क्षेत्रों में जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया। सरकार के अनुसार 45 दिनों के भीतर जमीन बीएसएफ को ट्रांसफर की जाएगी।
- बीजेपी के उन 321 कार्यकर्ताओं के परिवारों की जिम्मेदारी उठाने का फैसला लिया गया, जिनकी राजनीतिक हिंसा में मौत होने का दावा किया गया है।
राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर बढ़ेगी हलचल
शुभेंदु सरकार के लगातार बड़े फैसलों को पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा, अन्नपूर्णा योजना और धर्म आधारित योजनाओं को बंद करने जैसे फैसले आने वाले समय में राज्य की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था पर व्यापक असर डाल सकते हैं।
यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।