
30 वर्षों की सतत सेवा को राष्ट्रीय सम्मान: डॉ. राघवेंद्र पाण्डेय को पांच राष्ट्रीय पुरस्कार
एक दशक का ‘मौन संकल्प’ पूरा, सादगी और समर्पण की मिसाल बने डॉ. पाण्डेय
NTN NEWS REPORT// जांजगीर–चांपा। सामाजिक समरसता, शिक्षा विस्तार और जनकल्याण के क्षेत्र में तीन दशकों से सक्रिय डॉ. राघवेंद्र पाण्डेय को राष्ट्रीय स्तर पर पांच प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। भारत सरकार से मान्यता प्राप्त नई दिल्ली स्थित संस्थान द्वारा उन्हें भारत गौरव रत्न, पद्मश्री ग्लोबल अवार्ड, भारत प्रतिभा अवार्ड, डॉ. बी.आर. अंबेडकर राष्ट्रीय सम्मान तथा डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम राष्ट्रीय अवार्ड के प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।
यह सम्मान उनके 30 वर्षों के सतत सामाजिक योगदान, जनजागरूकता अभियानों और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों की राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति माना जा रहा है।
सामाजिक समरसता और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय पहल
डॉ. पाण्डेय ने समाज में समरसता स्थापित करने और वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में लगातार कार्य किया है। उन्होंने शिक्षा के अधिकार के तहत गरीब एवं जरूरतमंद बच्चों को निजी और प्रतिष्ठित विद्यालयों में प्रवेश दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उनकी इस पहल से अनेक बच्चों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिला, जिससे उनके भविष्य को नई दिशा मिली। शिक्षा विभाग ने भी उनके योगदान को सराहते हुए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया है।
नशा और हिंसा के खिलाफ चलाया जनजागरूकता अभियान
डॉ. पाण्डेय पिछले लगभग 30 वर्षों से जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं। उन्होंने समाज में बढ़ती हिंसा और नशे की प्रवृत्ति के खिलाफ व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाए। विभिन्न सामाजिक मंचों और कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास किया।
छात्र जीवन में भी वे सामाजिक चेतना से जुड़े रहे और छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई।
एक दशक का ‘मौन संकल्प’ हुआ पूर्ण
डॉ. पाण्डेय के जीवन का सबसे प्रेरक पक्ष उनकी सादगी और कर्तव्यनिष्ठा है। जानकारी के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में उन्हें कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए आमंत्रित किया गया था, लेकिन उन्होंने यह कहते हुए सम्मान स्वीकार करने से इनकार कर दिया कि अभी उनकी सामाजिक जिम्मेदारियां शेष हैं।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि जब तक वे अपने निर्धारित दायित्वों को पूरा नहीं कर लेते, तब तक कोई भी सम्मान स्वीकार नहीं करेंगे। निरंतर 30 वर्षों की सेवा और 10 वर्षों के संकल्प के बाद अब उन्होंने इन पुरस्कारों को ग्रहण किया है।
क्षेत्र में खुशी की लहर
डॉ. पाण्डेय को मिले इस राष्ट्रीय सम्मान पर क्षेत्रवासियों, सामाजिक संगठनों और शुभचिंतकों ने हर्ष व्यक्त किया है। इसे जांजगीर–चांपा जिले के लिए गौरव का विषय बताया जा रहा है।
डॉ. पाण्डेय का यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत समर्पण का प्रतीक है, बल्कि समाज सेवा के क्षेत्र में कार्यरत लोगों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गया है।