Advertisment
Advertisment
राज्य/शहर

लखनऊ में ‘गौ रक्षा’ कार्यक्रम पर 26 शर्तें, अखिलेश यादव का योगी सरकार पर तंज— “आंख-मुंह कितने सेंटीमीटर खोलेंगे, ये भी तय कर देते”

NTN NEWS REPORT// लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा आयोजित किए जा रहे ‘गौ रक्षा’ कार्यक्रम को जिला प्रशासन ने 26 शर्तों के साथ अनुमति दी है। इन शर्तों को लेकर सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे “कमजोर सत्ता की पहचान” बताया है।

प्रशासन ने जारी कीं सख्त गाइडलाइंस

लखनऊ जिला प्रशासन की ओर से कार्यक्रम की अनुमति देते समय विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कार्यक्रम के दौरान किसी भी धर्म, जाति या भाषा के खिलाफ भड़काऊ भाषण नहीं दिया जाएगा।

इसके अलावा आयोजकों को बिना पूर्व अनुमति के किसी प्रकार का जुलूस या शोभायात्रा निकालने की इजाजत नहीं होगी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा।

प्रशासन ने कोविड-19 संबंधी प्रोटोकॉल के पालन पर भी जोर दिया है। मास्क पहनना और अन्य स्वास्थ्य मानकों का पालन करना अनिवार्य बताया गया है।

अखिलेश यादव का सरकार पर हमला

इन शर्तों को लेकर अखिलेश यादव ने प्रदेश की योगी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इतनी “अतार्किक बंदिशें” लगाना कमजोर सत्ता की पहचान होती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार को यह भी शर्त रख देनी चाहिए थी कि “आंख और मुंह कितने सेंटीमीटर खुलेंगे।”

अखिलेश ने इस कार्रवाई को “विनाशकाले विपरीत बुद्धि” करार देते हुए कहा कि सरकार सनातन परंपराओं का सम्मान करने के बजाय समाज विशेष, खासकर ब्राह्मण समाज के मान-सम्मान को ठेस पहुंचा रही है।

कोविड गाइडलाइंस पर भी उठाए सवाल

सपा प्रमुख ने प्रशासन द्वारा लागू कोविड-19 नियमों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि क्या ये नियम केवल धार्मिक आयोजनों के लिए लागू होते हैं? क्या भाजपा के राजनीतिक कार्यक्रमों और बैठकों में भी इसी सख्ती से इनका पालन कराया जाता है?

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चयनात्मक तरीके से नियमों को लागू कर रही है और विपक्ष या धार्मिक आयोजनों को निशाना बनाया जा रहा है।

राजनीतिक माहौल हुआ गर्म

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के ‘गौ रक्षा’ कार्यक्रम को लेकर जारी 26 शर्तों के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। एक ओर प्रशासन कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने की बात कह रहा है, वहीं विपक्ष इसे अभिव्यक्ति और धार्मिक स्वतंत्रता पर अनावश्यक प्रतिबंध बता रहा है।

आगामी चुनावों को देखते हुए इस मुद्दे के राजनीतिक रूप से और गर्माने की संभावना जताई जा रही है।

Nilesh Tiwari

Editor- NTN Report 📱+91 93298 23355 📧 tnilesh2711@gmail.com
Back to top button
error: Content is protected !!