
NTN NEWS REPORT// बागसेवनिया थाना क्षेत्र में सामने आए चर्चित धर्मांतरण और दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार सगी बहनें अमरीन और आफरीन फिलहाल जेल में हैं। पुलिस इस पूरे प्रकरण की बहुस्तरीय जांच कर रही है और लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले के हर पहलू को बारीकी से खंगाला जा रहा है ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाई जा सके।
ईरानी डेरे से जुड़ाव की जांच

जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली है कि दोनों बहनों के परिवार का संबंध भोपाल के ईरानी डेरे से जुड़ा बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, जब उनका परिवार अब्बास नगर की झुग्गियों में रहता था, उसी दौरान ईरानी डेरे से उनकी नजदीकियां बढ़ीं।
पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या वहां के आपराधिक छवि वाले लोगों से उनका कोई संपर्क था। इस एंगल से भी गहन पड़ताल की जा रही है।
एडिशनल डीसीपी गौतम सोलंकी ने बताया कि मामले की हर दिशा से जांच जारी है। ईरानी डेरे से जुड़े पहलुओं की भी पुष्टि की जा रही है, हालांकि अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ब्यूटी पार्लर की आड़ में नेटवर्क बनाने का शक
पुलिस जांच में यह सामने आया है कि अमरीन और आफरीन ने ब्यूटी पार्लर की आड़ में अपना नेटवर्क तैयार किया था। अधिकारियों को संदेह है कि इसी माध्यम से कई युवतियों को अपने जाल में फंसाया गया।
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि अब तक कितनी लड़कियां इस पूरे मामले से प्रभावित हुई हैं और क्या यह संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहा था।
परिवार और सहयोगियों की भूमिका
जानकारी के अनुसार, अमरीन और आफरीन के परिवार में कुल चार बहनें और दो भाई हैं। दो बहनों की शादी हो चुकी है, जबकि एक भाई मानसिक रूप से बीमार बताया जाता है।
जांच में बिलाल नाम के युवक की भूमिका भी सामने आई है, जिसे दोनों बहनों का मौसेरा भाई बताया जा रहा है। बिलाल मूल रूप से मुंबई का रहने वाला है, लेकिन वह भोपाल आकर अब्बास नगर स्थित घर में उनके साथ रहने लगा था। वर्तमान में उसके मुंबई में होने की जानकारी मिली है।
एफआईआर के अनुसार, चंदन यादव उर्फ प्रिंस नामक युवक सागर रॉयल विला में अमरीन और आफरीन के साथ रहता था। आरोप है कि उनके संपर्क में आने के बाद उसने इस्लाम धर्म अपना लिया था।
ड्रग्स तस्करी और देह व्यापार के गंभीर आरोप
पीड़िताओं ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि यह गिरोह एमडी ड्रग्स की तस्करी से भी जुड़ा हुआ है।
एफआईआर में दर्ज आरोपों के मुताबिक, अमरीन और आफरीन पहले लड़कियों को बच्चे की देखभाल के नाम पर अपने घर में नौकरी पर रखती थीं। बाद में उन्हें घूमाने-फिराने और महंगी पार्टियों में ले जाया जाता था।
पीड़िताओं का आरोप है कि मौका मिलने पर चंदन, बिलाल और चानू उर्फ हाशिम रजा उनके साथ दुष्कर्म करते थे। विरोध करने पर बदनामी का डर दिखाकर चुप कराया जाता था।
इसके बाद काम दिलाने के बहाने लड़कियों को अहमदाबाद भेजा जाता था, जहां यासिर नामक व्यक्ति स्पा सेंटर में नौकरी का झांसा देकर उन्हें देह व्यापार में धकेलने का प्रयास करता था।
एफआईआर दर्ज कराने वाली पीड़िताओं का दावा है कि अब तक पांच से सात लड़कियों को इस गिरोह द्वारा देह व्यापार में धकेला गया हो सकता है।
गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने मुख्य आरोपी अमरीन, आफरीन और चंदन यादव उर्फ प्रिंस को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से तीनों को जेल भेज दिया गया।
जांच के दौरान अमरीन और चंदन के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं, जबकि आफरीन का मोबाइल अब तक बरामद नहीं हो सका। पुलिस का कहना है कि वह फोन के बारे में लगातार गुमराह करती रही।
रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद 26 फरवरी को उसे भी अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
फरार आरोपियों यासिर, बिलाल और चानू की तलाश में पुलिस की दो अलग-अलग टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
जांच जारी, और खुलासों की संभावना
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे भी कई अहम खुलासे हो सकते हैं। जब्त मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, उपलब्ध सबूतों और पीड़िताओं के बयानों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।