31 अगस्त तक निपटा लें ये 4 बड़े वित्तीय काम, वरना सितंबर से बढ़ सकती है परेशानी!
ITR दाखिल करने से लेकर पुराने कर शासन, LPG ई-केवाईसी और RBI की FCNR(B) सुविधा तक—31 अगस्त 2026 है अहम तारीख
NTN REPORT// नई दिल्ली। अगस्त 2026 का महीना खत्म होने में अब बेहद कम समय बचा है। 1 सितंबर से कई वित्तीय और बैंकिंग नियमों में बदलाव देखने को मिलेंगे। इससे पहले 31 अगस्त 2026 तक कुछ महत्वपूर्ण वित्तीय काम पूरे करना जरूरी है। इनमें आयकर रिटर्न दाखिल करना, कारोबार या पेशे से आय वाले पात्र करदाताओं के लिए पुराने कर शासन का विकल्प चुनना, रसोई गैस कनेक्शन की ई-केवाईसी और अनिवासी भारतीयों से जुड़ी भारतीय रिजर्व बैंक की एफसीएनआर(बी) सुविधा शामिल हैं।

अगर आपने इनमें से कोई काम अभी तक पूरा नहीं किया है तो अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी करना बेहतर रहेगा।
1. ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त
आकलन वर्ष 2026-27 के लिए कुछ श्रेणी के करदाताओं की आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त 2026 है। आयकर विभाग ने अपने पोर्टल पर भी 31 अगस्त की नियत तारीख को लेकर करदाताओं को अलर्ट जारी किया है।
विशेष रूप से कारोबार या पेशे से आय वाले ऐसे करदाताओं को अपनी लागू रिटर्न समय पर दाखिल करनी चाहिए, जिनकी रिटर्न की नियत तारीख 31 अगस्त है। आयकर विभाग के अनुसार आकलन वर्ष 2026-27 के लिए ITR-3 और ITR-4 उपलब्ध हैं और ITR-4 के लिए 31 अगस्त 2026 की नियत तारीख स्पष्ट रूप से दी गई है।
वहीं ITR-1 और ITR-2 की सामान्य अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 थी। जिन करदाताओं ने यह रिटर्न उस तारीख तक दाखिल नहीं किया है, वे लागू प्रावधानों के तहत विलंबित रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।
समय पर ITR नहीं भरने पर क्या होगा?
31 अगस्त की नियत तारीख निकल जाने के बाद रिटर्न दाखिल करने पर विलंब शुल्क और देय कर पर ब्याज जैसी अतिरिक्त देनदारियां लागू हो सकती हैं। आयकर विभाग के अनुसार विलंबित रिटर्न पर परिस्थितियों के अनुसार 5,000 रुपये तक का शुल्क लग सकता है।
2. पुराने कर शासन का विकल्प चुनना है तो Form 10-IEA जरूरी
अगर किसी पात्र करदाता की कारोबार या पेशे से आय है और वह डिफॉल्ट नए कर शासन से बाहर निकलकर पुराने कर शासन का विकल्प लेना चाहता है, तो Form 10-IEA दाखिल करना जरूरी है।
आयकर विभाग के मुताबिक नया कर शासन डिफॉल्ट व्यवस्था है। कारोबार या पेशे से आय वाले पात्र व्यक्ति, हिंदू अविभाजित परिवार, कुछ अन्य पात्र श्रेणियां पुराने कर शासन का विकल्प चुनने के लिए Form 10-IEA दाखिल कर सकती हैं। यह फॉर्म आयकर रिटर्न दाखिल करने की धारा 139(1) वाली नियत तारीख तक दाखिल किया जाना चाहिए।
महत्वपूर्ण बात: Form 10-IEA की अंतिम तारीख को अलग स्वतंत्र तारीख न समझें। जिस करदाता के लिए 31 अगस्त 2026 ITR की नियत तारीख है, उसके लिए पुराने कर शासन का विकल्प लेने से जुड़ा Form 10-IEA भी उसी नियत तारीख के भीतर दाखिल करना आवश्यक है।
अगर पात्र करदाता समय सीमा के भीतर यह फॉर्म दाखिल नहीं करता है तो पुराने कर शासन का लाभ नहीं मिल सकता। आयकर विभाग के अनुसार नियत तारीख के बाद दाखिल किया गया Form 10-IEA अमान्य हो सकता है।
ध्यान दें: जिन व्यक्तियों की कारोबार या पेशे से आय नहीं है, उन्हें पुराने कर शासन का विकल्प चुनने के लिए सामान्यतः Form 10-IEA की आवश्यकता नहीं होती; वे लागू आईटीआर में सीधे कर शासन का विकल्प चुन सकते हैं।
3. LPG कनेक्शन की ई-केवाईसी भी 31 अगस्त तक
रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए भी 31 अगस्त 2026 महत्वपूर्ण तारीख बताई जा रही है। इंडेन, एचपी गैस और भारत गैस जैसे घरेलू एलपीजी कनेक्शन के उपभोक्ताओं को अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, ई-केवाईसी पूरी नहीं करने वाले उपभोक्ताओं को 1 सितंबर से गैस बुकिंग और सब्सिडी से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
विशेष रूप से प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी महत्वपूर्ण है, क्योंकि सब्सिडी का लाभ पात्रता और सत्यापन से जुड़ा होता है।
इसलिए जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक एलपीजी ई-केवाईसी नहीं कराई है, उन्हें अपने गैस वितरक या संबंधित तेल विपणन कंपनी के अधिकृत माध्यम से प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए।
4. NRI के लिए RBI की FCNR(B) विशेष सुविधा की अंतिम तारीख
31 अगस्त की एक महत्वपूर्ण वित्तीय समय सीमा अनिवासी भारतीयों (NRI) और विदेशी मुद्रा में जमा से जुड़ी है।
भारतीय रिजर्व बैंक ने जून 2026 में एफसीएनआर(बी) जमा के लिए विशेष अमेरिकी डॉलर-रुपया विदेशी मुद्रा अदला-बदली सुविधा शुरू की थी। इसे पहले 30 सितंबर 2026 तक उपलब्ध रखा गया था, लेकिन बाद में RBI ने इसकी समय सीमा घटाकर 31 अगस्त 2026 कर दी।
RBI की इस व्यवस्था के तहत पात्र नए FCNR(B) जमा, खासकर 3 से 5 वर्ष की अवधि वाले जमा, विशेष सुविधा के दायरे में आते हैं। रिपोर्टों के अनुसार 13 अगस्त 2026 तक इस व्यवस्था के तहत FCNR(B) जमा से करीब 52.30 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा आई थी।
यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है—31 अगस्त जमा जुटाने की अंतिम तारीख है, जबकि पात्र FCNR(B) जमाओं के संबंध में RBI के साथ स्वैप की सुविधा 11 सितंबर 2026 तक उपलब्ध रहने की बात रिपोर्ट की गई है।
इसलिए NRI या FCNR(B) जमा से जुड़े लोगों को अपने बैंक से पात्रता, ब्याज दर, अवधि और लागू शर्तों की पुष्टि करके ही निर्णय लेना चाहिए।
एक नजर में 31 अगस्त की चार अहम वित्तीय समय सीमाएं
| वित्तीय काम | अंतिम तारीख | किसके लिए महत्वपूर्ण |
|---|---|---|
| आयकर रिटर्न | 31 अगस्त 2026 | लागू श्रेणी के करदाता, विशेषकर जिनकी रिटर्न की नियत तारीख 31 अगस्त है |
| Form 10-IEA | संबंधित ITR की नियत तारीख तक | कारोबार/पेशे से आय वाले पात्र करदाता, जो पुराना कर शासन चुनना चाहते हैं |
| LPG ई-केवाईसी | 31 अगस्त 2026 | एलपीजी उपभोक्ता, विशेषकर उज्ज्वला लाभार्थी |
| RBI FCNR(B) विशेष सुविधा | 31 अगस्त 2026 | NRI और पात्र FCNR(B) जमा से जुड़े लोग |
1 सितंबर से पहले क्यों जरूरी है ये काम?
31 अगस्त के बाद सितंबर का नया महीना शुरू होते ही इन चारों मामलों में अलग-अलग प्रभाव दिखाई दे सकते हैं। आयकर रिटर्न में देरी से शुल्क और ब्याज का बोझ बढ़ सकता है, पुराने कर शासन का विकल्प प्रभावित हो सकता है, LPG ई-केवाईसी लंबित रहने पर गैस बुकिंग या सब्सिडी से संबंधित परेशानी सामने आ सकती है और NRI के लिए RBI की विशेष FCNR(B) सुविधा का निर्धारित समय समाप्त हो जाएगा।
इसलिए जिन लोगों पर इनमें से कोई भी अनुपालन लागू होता है, उन्हें अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय 31 अगस्त से पहले संबंधित प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए।
वित्तीय और कर संबंधी नियम व्यक्ति की आय, कर स्थिति, जमा के प्रकार और अन्य पात्रता शर्तों के आधार पर अलग-अलग हो सकते हैं। किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले संबंधित विभाग, बैंक या अधिकृत सेवा प्रदाता से नवीनतम नियमों की पुष्टि करें।
यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।