
होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरेंगे भारत के 20 टैंकर, सुरक्षित पारगमन को लेकर ईरान से उच्चस्तरीय बातचीत
पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत की ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने की कवायद तेज
NTN NEWS REPORT// नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रभावी रूप से बंद होने की स्थिति के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित रखने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए हैं। भारत और ईरान के बीच 20 भारतीय टैंकरों को सुरक्षित रूप से Strait of Hormuz से पार कराने को लेकर बातचीत चल रही है।
सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे पर ईरान के राष्ट्रपति से चर्चा की है वहीं विदेश मंत्री S. Jaishankar ने अपने ईरानी समकक्ष Abbas Araghchi के साथ हाल के दिनों में तीन दौर की वार्ता की है। यह बातचीत विदेश मंत्रालय स्तर पर जारी है।

20 टैंकरों में LPG और कच्चे तेल की खेप : ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, जिन 20 टैंकरों को सुरक्षित पारगमन की आवश्यकता है, उनमें से 10 टैंकर एलपीजी लेकर आ रहे हैं। ये खेपें Indian Oil Corporation और Hindustan Petroleum Corporation Limited जैसी भारतीय रिफाइनरियों द्वारा अनुबंधित हैं।
इसके अलावा पांच टैंकर कच्चा तेल लेकर आ रहे हैं, जबकि शेष टैंकर अन्य भारतीय रिफाइनरियों की आपूर्ति से जुड़े हैं। ये सभी खेप भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं, क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए पश्चिम एशिया पर काफी हद तक निर्भर है। भारत अपने एलएनजी आयात का लगभग दो-तिहाई और एलपीजी आयात का लगभग पूरा हिस्सा इसी क्षेत्र से प्राप्त करता है। ऐसे में होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान से देश की ऊर्जा सुरक्षा पर सीधा असर पड़ सकता है।
खाड़ी क्षेत्र में फंसे टैंकर : 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमलों में तेजी आने के बाद से फारस की खाड़ी क्षेत्र में कई तेल और गैस टैंकर फंसे हुए हैं। कच्चे तेल, एलपीजी और एलएनजी से भरे जहाज इस संकरे समुद्री मार्ग से गुजरने का इंतजार कर रहे हैं।
केंद्र सरकार ने गुरुवार को जानकारी दी कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में भारतीय ध्वज वाले कुल 28 जहाज कार्यरत हैं। इनमें से 24 जहाज होर्मुज के पश्चिमी हिस्से में स्थित हैं, जिनमें 677 भारतीय नाविक सवार हैं। वहीं चार जहाज जलडमरूमध्य के पूर्वी हिस्से में हैं, जिनमें 101 भारतीय चालक दल के सदस्य मौजूद हैं।
ईरान के नए सर्वोच्च नेता का बयान : ईरान के नए सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei ने अपने पहले संबोधन में घोषणा की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहेगा। उन्होंने कहा कि ईरान अपने खाड़ी अरब पड़ोसियों पर हमले जारी रखेगा और जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद रखकर अमेरिका और इजराइल पर दबाव बनाएगा।
वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की लाइफलाइन :Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। वैश्विक कच्चे तेल का लगभग पांचवां हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का अवरोध वैश्विक तेल कीमतों और ऊर्जा आपूर्ति पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है।
भारत सरकार की कोशिश है कि कूटनीतिक माध्यमों से समाधान निकालते हुए अपने टैंकरों को सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराया जाए, ताकि देश में तेल और गैस की आपूर्ति बाधित न हो। पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति को देखते हुए आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और अहम निर्णय लिए जा सकते हैं।