
डिजिटल युग की 16वीं जनगणना: 1 अप्रैल से शुरू होगा ‘डिजिटल डेटा अभियान’, लिव-इन कपल्स को शादीशुदा जोड़े की मान्यता!
NTN NEWS REPORT// नई दिल्ली। देश की 16वीं जनगणना अब केवल आबादी गिनने की प्रक्रिया नहीं रह गई है, बल्कि यह नागरिकों के रहन-सहन, आवास, सुविधाओं और सामाजिक ढांचे का व्यापक डिजिटल दस्तावेज बनेगी। केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 के पहले चरण के लिए 33 प्रमुख सवालों (FAQs) की सूची जारी कर दी है। इस बार की सबसे बड़ी और चर्चित पहल लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई कपल लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा है और अपने संबंध को ‘स्थिर संबंध’ मानता है, तो जनगणना के दौरान उन्हें विवाहित जोड़े के रूप में दर्ज किया जाएगा। यह पहली बार है जब आधिकारिक जनगणना प्रश्नावली में इस सामाजिक संरचना को स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है।
1 अप्रैल 2026 से शुरू होगा पहला चरण
केंद्र सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, जनगणना का पहला चरण 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगा। यह चरण ‘हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन (HLO)’ के रूप में अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच 30 दिनों की अवधि में पूरा किया जाएगा।
सेल्फ-एन्युमरेशन (Self Enumeration) की सुविधा हाउस लिस्टिंग से ठीक पहले 15 दिनों के लिए उपलब्ध रहेगी, जिसमें नागरिक स्वयं ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
पूरी प्रक्रिया डिजिटल, जानकारी रहेगी गोपनीय
इस बार पूरी जनगणना प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संपन्न की जाएगी। आंकड़े डिजिटल तरीके से संकलित किए जाएंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान दी गई जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी और इसे आरटीआई के तहत भी सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।
यह जनगणना संविधान के प्रावधानों के तहत कराई जा रही है। पिछली जनगणना वर्ष 2011 में हुई थी। यह स्वतंत्र भारत की 8वीं और देश की 16वीं जनगणना होगी।
गृह मंत्रालय की अगुवाई में प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मंत्रालय द्वारा राज्यों के मुख्य सचिवों को दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे और राज्य सरकार की मशीनरी इस कार्य को अंजाम देगी। जिला स्तर पर अधिकारियों की नियुक्ति भी की जा चुकी है।
33 सवालों में क्या-क्या पूछा जाएगा?
जनगणना के पहले चरण में नागरिकों से मकान और परिवार से जुड़े विस्तृत प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रश्नों की शुरुआत भवन नंबर और जनगणना मकान नंबर से होगी। इसके बाद निम्न बिंदुओं पर जानकारी ली जाएगी—
🔹 मकान से जुड़ी जानकारी
- लाइन नंबर, बिल्डिंग नंबर, जनगणना मकान नंबर
- फर्श, दीवार और छत की मुख्य निर्माण सामग्री
- मकान का उपयोग (रिहायशी/दुकान/अन्य)
- मकान की स्थिति (अच्छी/सामान्य/खराब)
- मकान का स्वामित्व (स्वयं का/किराया/अन्य)
- परिवार के कब्जे में कमरों की संख्या
🔹 परिवार से संबंधित जानकारी
- परिवार संख्या
- परिवार में सामान्य रूप से रहने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या
- परिवार के मुखिया का नाम और लिंग
- मुखिया का वर्ग (SC/ST/अन्य)
- परिवार में विवाहित जोड़ों की संख्या (लिव-इन कपल्स को स्थिर संबंध होने पर विवाहित माना जाएगा)
🔹 बुनियादी सुविधाएं
- पीने के पानी का मुख्य स्रोत और उपलब्धता
- बिजली/रोशनी का मुख्य स्रोत
- शौचालय की सुविधा और उसका प्रकार
- गंदे पानी की निकासी व्यवस्था
- स्नानघर की सुविधा
- रसोई और LPG/PNG कनेक्शन
- खाना बनाने में प्रयुक्त मुख्य ईंधन
🔹 परिवार की संपत्ति (Assets)
- रेडियो/ट्रांजिस्टर
- टेलीविजन
- इंटरनेट सुविधा
- लैपटॉप/कंप्यूटर
- टेलीफोन/मोबाइल/स्मार्टफोन
- साइकिल, स्कूटर, मोटरसाइकिल, मोपेड
- कार, जीप, वैन
- परिवार में मुख्य रूप से खाया जाने वाला अनाज
- मोबाइल नंबर
दूसरे चरण में होगी जाति गणना
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जाति गणना (Caste Enumeration) जनगणना के दूसरे चरण में की जाएगी। दूसरे चरण की अवधि और प्रश्नों की अधिसूचना बाद में जारी की जाएगी।
11,000 करोड़ से अधिक का बजट स्वीकृत
जनगणना 2027 की पूरी प्रक्रिया के लिए 11,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। मुख्य सचिवों की बैठक आयोजित की जा चुकी है, फील्ड टेस्ट किए जा चुके हैं और प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस प्रक्रिया में 36 प्रशासनिक इकाइयों की भागीदारी रहेगी।
सरकार की अपील
केंद्र सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे जनगणना प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी करें और सही जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि देश की विकास योजनाएं सटीक आंकड़ों के आधार पर तैयार की जा सकें।
जनगणना 2027 देश के सामाजिक, आर्थिक और आवासीय ढांचे की एक विस्तृत डिजिटल तस्वीर पेश करेगी, जो आने वाले वर्षों की नीतियों और योजनाओं की दिशा तय करेगी।