
NTN REPORT// रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें चुनाव आयोग और देश से माफी मांगनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि बार-बार चुनाव में पराजय के बाद कांग्रेस अब देश की संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की कोशिश कर रही है।
मुख्यमंत्री साय रविवार को रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों की ओर से जारी संयुक्त बयान का हवाला देते हुए कांग्रेस के चुनाव आयोग में कथित मतभेदों के दावों पर सवाल उठाए।
चुनाव आयुक्तों के संयुक्त बयान का दिया हवाला
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा चुनाव आयुक्त डॉ. एस. एस. संधू और डॉ. विवेक जोशी के संयुक्त बयान से कांग्रेस द्वारा चुनाव आयोग में मतभेद को लेकर किए जा रहे दावों पर स्थिति स्पष्ट हो गई है।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के अनुसार विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) सहित सभी प्रमुख निर्णय तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे कांग्रेस के उन दावों पर सवाल खड़े होते हैं, जिनमें चुनाव आयोग के भीतर मतभेद होने की बात कही जा रही थी।
साय ने कहा कि भारत के निर्वाचन आयोग की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिष्ठा है और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाने से पहले तथ्यों को सामने रखना चाहिए।
अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट को लेकर भी उठाए सवाल
मुख्यमंत्री ने एक अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें कैबिनेट सचिव को लिखे गए जिस पत्र का जिक्र किया गया है, उसे एसआईआर या किसी नीतिगत विषय से जोड़ना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि संबंधित पत्र सामान्य प्रशासनिक विषय से जुड़ा था। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग सीधे राष्ट्रपति के प्रति उत्तरदायी संवैधानिक संस्था है, इसलिए कैबिनेट सचिव को किसी नीतिगत विषय पर पत्र लिखे जाने की बात को लेकर किए जा रहे दावों पर तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी किया उल्लेख
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एसआईआर और मतदाता सूची से जुड़े कई विषयों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई हो चुकी है। उन्होंने कहा कि फॉर्म-6 के घोषणापत्र समेत विभिन्न मुद्दों पर सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय आने के बावजूद कांग्रेस लगातार चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रही है।
उन्होंने कांग्रेस से संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने के बजाय तथ्यों का सम्मान करने की अपील की।
हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का लगाया आरोप
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जब भी कांग्रेस चुनाव में पराजित होती है, तब वह ईवीएम, चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाती है।
साय ने कहा कि कभी ईवीएम को लेकर सवाल उठाए जाते हैं तो कभी चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर आरोप लगाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि जिस चुनाव प्रक्रिया के माध्यम से कांग्रेस के सांसद और विधायक निर्वाचित होते हैं, उसी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना विरोधाभास है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों को भी इस विषय पर आत्ममंथन करना चाहिए कि यदि उन्हें चुनाव प्रक्रिया पर भरोसा नहीं है, तो उसी प्रक्रिया के माध्यम से निर्वाचित होने के बाद वे जनप्रतिनिधि के रूप में अपनी भूमिका कैसे निभा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ का उदाहरण देकर कांग्रेस पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ का उदाहरण देते हुए कहा कि वर्ष 2018 में कांग्रेस को राज्य में भारी बहुमत मिला था। उन्होंने कहा कि उस समय भी चुनाव ईवीएम और उसी निर्वाचन प्रक्रिया के माध्यम से हुए थे।
साय ने कहा कि वर्तमान में भी छत्तीसगढ़ विधानसभा में कांग्रेस के विधायक हैं। ऐसे में कांग्रेस नेतृत्व को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह जिस चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाता है, उसी प्रक्रिया के माध्यम से निर्वाचित अपने जनप्रतिनिधियों को लेकर उसका क्या रुख है।
उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने पर प्रक्रिया को सही और हारने पर गलत बताना उचित नहीं है।
राहुल गांधी के पुराने बयानों का भी किया उल्लेख
मुख्यमंत्री साय ने राहुल गांधी के पूर्व में ईवीएम, न्यायपालिका, कैग और जांच एजेंसियों से जुड़े बयानों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर लगातार सवाल उठाने का आरोप लगाया।
उन्होंने राहुल गांधी द्वारा विदेशों में भारत की संस्थाओं को लेकर दिए गए बयानों का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि ऐसे बयानों से देश की छवि प्रभावित होती है।
मुख्यमंत्री ने सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर राहुल गांधी के पूर्व बयानों का भी उल्लेख किया और कहा कि कांग्रेस नेता समय-समय पर देश की संस्थाओं और सुरक्षा से जुड़े विषयों पर विवादित बयान देते रहे हैं।
‘जीत गए तो प्रक्रिया सही और हार गए तो गलत’ : साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव परिणाम को स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई राजनीतिक दल चुनाव जीतता है तो उसी निर्वाचन प्रक्रिया के माध्यम से सरकार बनाता है, लेकिन चुनाव हारने के बाद उसी प्रक्रिया पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि देश की जनता राजनीतिक दलों और उनके बयानों को समझती है तथा संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को लेकर भी जनता के सामने तथ्य रखे जाने चाहिए।
पत्रकार वार्ता में ये नेता रहे मौजूद
पत्रकार वार्ता के दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव, कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल, भाजपा के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पांडेय, प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी, डॉ. नवीन मार्कंडेय, प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज और प्रदेश मीडिया संयोजक हेमंत पाणिग्रही मौजूद रहे।
मुख्य बात: मुख्यमंत्री साय ने चुनाव आयोग के संयुक्त बयान को आधार बनाते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी के चुनाव आयोग संबंधी आरोपों पर सवाल उठाए और उनसे चुनाव आयोग तथा देश से माफी मांगने की मांग की।
नोट: इस समाचार में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा पत्रकार वार्ता में लगाए गए आरोपों और दिए गए बयानों को उनके संदर्भ सहित प्रस्तुत किया गया है। कांग्रेस या राहुल गांधी की ओर से इन आरोपों पर कोई अलग प्रतिक्रिया उपलब्ध होने पर उसे भी समाचार में शामिल किया जा सकता है।