
डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 32 लाख की ठगी, पंजाब से आरोपी गिरफ्तार
सीबीआई, पुलिस और टेलीकॉम अधिकारी बनकर बुजुर्ग को 24 घंटे से अधिक समय तक डराया, बैंक खाता-मोबाइल सहित दस्तावेज जब्त
NTN REPORT// जांजगीर-चांपा, 27 सितंबर 2026। जांजगीर-चांपा जिले में साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर थाना पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 32 लाख रुपये की ठगी करने वाले एक आरोपी को पंजाब से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर पीड़ित को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसाने और सीबीआई व पुलिस की कार्रवाई का डर दिखाकर रकम ऐंठने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन, बैंक खाते से जुड़े दस्तावेज और अन्य सामग्री जब्त की है।
टेलीकॉम अधिकारी बनकर शुरू किया फोन, फिर सीबीआई अधिकारी बनकर डराया
पुलिस के अनुसार, जांजगीर निवासी तुषारकर देवांगन ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके मोबाइल नंबर पर एक व्यक्ति ने टेलीकॉम अथॉरिटी का अधिकारी बनकर फोन किया। फोन करने वाले ने उनके मोबाइल नंबर का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में होने की बात कही और बताया कि उनके खिलाफ कोलाबा पुलिस थाने में मामला दर्ज है।
इसके बाद कथित रूप से दूसरे नंबर से सीबीआई अधिकारी बनकर फोन किया गया। आरोपी ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में कार्रवाई और गिरफ्तारी का डर दिखाते हुए पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट किए जाने की बात कही।
24 घंटे से अधिक समय तक डिजिटल अरेस्ट का डर
पुलिस के मुताबिक, पीड़ित बुजुर्ग व्यक्ति थे। आरोपियों ने इसी बात का फायदा उठाते हुए उन्हें लगातार भयभीत किया। अलग-अलग मोबाइल नंबरों से पुलिस, सीबीआई और टेलीकॉम अथॉरिटी के अधिकारी बनकर फोन किए गए और कार्रवाई से बचाने तथा पुलिस से सेटिंग कराने के नाम पर रकम की मांग की गई।
इस दौरान पीड़ित को 24 घंटे से अधिक समय तक डिजिटल अरेस्ट के नाम पर मानसिक दबाव में रखा गया। आरोपियों के झांसे में आकर पीड़ित ने कुल 32 लाख रुपये की रकम ट्रांसफर कर दी।
मोबाइल नंबर बंद होने के बाद हुआ ठगी का एहसास
कुछ समय बाद आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल नंबर बंद हो गए। इसके बाद पीड़ित ने अपने परिवार के सदस्यों को पूरी घटना की जानकारी दी। परिजनों को मामले की जानकारी मिलने पर साइबर ठगी का पता चला। शिकायत के आधार पर साइबर थाना जांजगीर में अपराध क्रमांक 649/2025, धारा 318(4), 3(5) बीएनएस एवं 66डी आईटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
बैंक खाते की जांच से पंजाब तक पहुंची पुलिस
विवेचना के दौरान पुलिस ने उन बैंक खातों की जानकारी जुटाई, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी। जांच में रकम का संबंध इक्विटास बैंक के एक खाते से पाया गया। बैंक खाते और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम गठित कर पंजाब रवाना की गई।
पुलिस टीम ने पंजाब के लुधियाना जिले में कार्रवाई करते हुए शरणप्रीत सिंह उर्फ सन्नी सिंह (27 वर्ष), निवासी ग्राम बल्लोवाल, मेडिकल के पास, थाना जोधा, जिला लुधियाना, पंजाब को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की।
पूछताछ में खाते में रकम लेने की बात सामने आई
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध में संलिप्तता स्वीकार की तथा अपने मेमोरेंडम कथन में अपने बैंक खाते में ठगी की रकम प्राप्त होने की जानकारी दी।
आरोपी के बताए अनुसार उसके बैंक खाते से लिंक मोबाइल नंबर, आधार कार्ड, पैन कार्ड और मोबाइल हैंडसेट को पुलिस ने गवाहों की मौजूदगी में विधिवत जब्त किया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
दो माह में साइबर ठगी से जुड़े 17 आरोपी गिरफ्तार
जांजगीर-चांपा पुलिस के अनुसार, साइबर जागृति अभियान के तहत साइबर थाना द्वारा साइबर अपराधों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने बताया कि पिछले दो माह में साइबर ठगी के 17 आरोपियों एवं उनसे जुड़े आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।
जांजगीर पुलिस की अपील—‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर डरें नहीं
जांजगीर-चांपा पुलिस ने आम लोगों से साइबर ठगी से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून की पुस्तक में ‘डिजिटल अरेस्ट’ नाम की कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है और पुलिस किसी व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती।
पुलिस के मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति मनी लॉन्ड्रिंग, ड्रग्स सप्लाई, मोबाइल नंबर के दुरुपयोग या किसी अन्य अपराध का आरोप लगाकर सीबीआई, पुलिस, टेलीकॉम अथॉरिटी, एयरपोर्ट, नेवी अथवा किसी अन्य सरकारी विभाग का अधिकारी बनकर फोन करता है और गिरफ्तारी से बचाने के नाम पर पैसे मांगता है, तो उसके झांसे में नहीं आना चाहिए।
ऐसी स्थिति में तुरंत फोन काटें, किसी विश्वसनीय व्यक्ति को जानकारी दें और साइबर अपराध की शिकायत करें। जागरूक रहें और साइबर ठगी से बचें।
गिरफ्तार आरोपी:
शरणप्रीत सिंह उर्फ सन्नी सिंह, उम्र 27 वर्ष
निवासी ग्राम बल्लोवाल, मेडिकल के पास, थाना जोधा, जिला लुधियाना, पंजाब। अपराध क्रमांक: 649/2025
धाराएं: 318(4), 3(5) बीएनएस एवं 66डी आईटी एक्ट