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राजनीति

यूपी चुनाव 2027 की तैयारी में जुटी भाजपा, हारी सीटों पर फोकस; नितिन नवीन, तावड़े और बी.एल. संतोष संभालेंगे मोर्चा

NTN REPORT// लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में अभी समय बाकी है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने चुनावी तैयारियों को तेज करना शुरू कर दिया है। पार्टी का मुख्य फोकस 2022 के विधानसभा और 2024 के लोकसभा चुनाव में कमजोर प्रदर्शन वाली सीटों पर है। भाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व अब खुद उत्तर प्रदेश में संगठन की जमीनी स्थिति, सामाजिक समीकरण और चुनावी तैयारियों की समीक्षा करेगा।

प्रतीकात्मक एआई तस्वीर

भाजपा प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े के हालिया दौरे के बाद अब राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष के यूपी दौरे का कार्यक्रम प्रस्तावित है। तावड़े भी जल्द दोबारा प्रदेश का दौरा करेंगे। इन दौरों के जरिए पार्टी संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ हारी हुई सीटों पर जीत की रणनीति तैयार करेगी।

पश्चिमी यूपी से नितिन नवीन करेंगे दौरे की शुरुआत

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन उत्तर प्रदेश के सभी छह संगठनात्मक क्षेत्रों का दौरा करेंगे। उनके दौरे का उद्देश्य संगठन की स्थिति का आकलन करने के साथ कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में चुनावी ऊर्जा बढ़ाना है।

नितिन नवीन अपने दौरे की शुरुआत पश्चिमी उत्तर प्रदेश से करेंगे। उनका 12 और 13 सितंबर को मेरठ दौरा प्रस्तावित है। इस दौरान संगठन और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक के अलावा संघ पदाधिकारियों के साथ समन्वय और संवाद भी संभावित है।

पश्चिमी यूपी में भाजपा के सामने सामाजिक समीकरण को मजबूत करने की चुनौती है। क्षेत्र की 71 विधानसभा सीटों में पार्टी की स्थिति, 2022 के विधानसभा और 2024 के लोकसभा चुनाव के परिणाम तथा गुर्जर राजनीति से जुड़े समीकरणों की भी समीक्षा की जाएगी।

अवध और कानपुर क्षेत्र पर बी.एल. संतोष की नजर

राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष 10 और 11 सितंबर को लखनऊ दौरे पर रहेंगे। वे अवध और कानपुर क्षेत्र के संगठनात्मक कार्यक्रमों में शामिल होकर पार्टी की तैयारियों का जायजा लेंगे।

इस दौरान अवध क्षेत्र की 82 और कानपुर क्षेत्र की 52 विधानसभा सीटों से जुड़े पदाधिकारियों के साथ बैठक प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक से भी उनकी मुलाकात संभावित बताई जा रही है।

अवध क्षेत्र भाजपा के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। 2024 के लोकसभा चुनाव में क्षेत्र की कई सीटों पर पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा था। इसके अलावा हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों को देखते हुए संगठन के भीतर और सामाजिक स्तर पर समीकरणों को मजबूत करना भी भाजपा की प्राथमिकता में है।

विनोद तावड़े फिर करेंगे यूपी का दौरा

प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े भी जल्द दोबारा उत्तर प्रदेश का दौरा करेंगे। क्षेत्रीय टीमों के गठन के बाद वे संगठन की जमीनी तैयारियों की समीक्षा करेंगे और पार्टी कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेंगे।

तावड़े का फोकस संगठन को मजबूत करने के साथ सामाजिक समीकरणों को साधने और आगामी विधानसभा चुनाव के लिए क्षेत्रवार रणनीति तैयार करने पर रहेगा।

2022 और 2024 में हारी सीटों का लिया जाएगा फीडबैक

भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व के इन दौरों का सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा 2022 के विधानसभा और 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी के हाथ से निकली सीटों का फीडबैक लेना माना जा रहा है।

पार्टी यह समझने की कोशिश करेगी कि इन सीटों पर हार के प्रमुख कारण क्या रहे, संगठन कहां कमजोर रहा और किन सामाजिक समूहों के बीच पार्टी को अपनी पकड़ मजबूत करने की जरूरत है।

इसके साथ ही एनडीए के सहयोगी दलों की दावेदारी वाली सीटों को लेकर भी चर्चा होगी। इन सीटों पर सामाजिक समीकरण, संभावित चुनावी रणनीति और सहयोगी दलों के साथ तालमेल जैसे मुद्दों पर भी मंथन किया जाएगा।

संगठनात्मक अभियानों की भी होगी समीक्षा

राष्ट्रीय नेतृत्व पार्टी के विभिन्न संगठनात्मक अभियानों की प्रगति की भी समीक्षा करेगा। इनमें समरसता संकल्प अभियान, तिरंगा अभियान और आगामी सेवा संकल्प माह की तैयारियां एवं उपलब्धियां शामिल हैं।

क्षेत्रीय टीमों के गठन के बाद राष्ट्रीय नेतृत्व की यह समीक्षा भाजपा के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पार्टी का प्रयास है कि चुनाव से काफी पहले संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय किया जाए और कमजोर मानी जा रही सीटों पर विशेष रणनीति के साथ काम शुरू किया जाए।

चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने की कवायद

कुल मिलाकर भाजपा ने उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को शुरुआती चरण में ही गति देना शुरू कर दिया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का पश्चिमी यूपी दौरा, बी.एल. संतोष की लखनऊ में संगठनात्मक बैठकें और विनोद तावड़े का आगामी दौरा इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

अब भाजपा का लक्ष्य 2022 में गंवाई विधानसभा सीटों के साथ 2024 में कमजोर प्रदर्शन वाली लोकसभा सीटों की भी समीक्षा कर संगठन, सामाजिक समीकरण और बूथ प्रबंधन को मजबूत करना है। आने वाले महीनों में इन सीटों पर पार्टी की गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।

अस्वीकरण: यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

Nilesh Tiwari

Editor- NTN Report 📱+91 93298 23355 📧 tnilesh2711@gmail.com
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