मोबाइल ग्राहकों को बड़ी राहत: डेटा नहीं चाहिए तो नहीं देना होगा उसका पैसा, कॉलिंग-SMS के लिए अलग सस्ता रिचार्ज विकल्प देना होगा
TRAI ने बदले नियम, डेटा वाले प्लान के मुकाबले कम कीमत पर देना होगा Voice-SMS विकल्प; छोटी वैधता से लेकर लंबी अवधि तक बढ़ेंगे विकल्प
NTN REPORT// नई दिल्ली। मोबाइल फोन पर इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं करने वाले या बेहद कम डेटा इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए राहत की खबर है। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने रिचार्ज प्लान से जुड़े नियमों में बदलाव करते हुए दूरसंचार कंपनियों के लिए केवल वॉयस कॉल और SMS वाले अधिक विकल्प उपलब्ध कराने का प्रावधान किया है। इसका फायदा खास तौर पर बुजुर्गों, फीचर फोन उपयोगकर्ताओं, ग्रामीण क्षेत्रों के ग्राहकों, कम डेटा इस्तेमाल करने वालों और केवल कॉलिंग के लिए दूसरा सिम रखने वाले उपभोक्ताओं को मिल सकता है।

नए नियम के तहत यदि कोई दूरसंचार कंपनी किसी अवधि के लिए वॉयस कॉल, SMS और डेटा वाला प्लान उपलब्ध कराती है, तो उसे निर्धारित शर्तों के अनुसार उसी तरह की अवधि के लिए बिना डेटा वाला वॉयस और SMS विकल्प भी उपलब्ध कराना होगा। ऐसे प्लान की कीमत संबंधित डेटा वाले प्लान से उचित रूप से कम रखनी होगी।
21 सितंबर को जारी हुआ नया विनियमन
TRAI ने टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन रेगुलेशन 2026 को 21 सितंबर 2026 को जारी किया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार नया नियम तत्काल प्रभाव से लागू नहीं होगा, बल्कि राजपत्र में प्रकाशित होने के 30 दिन बाद प्रभावी होगा।
इसके लागू होने के बाद दूरसंचार कंपनियों को अपने प्रीपेड ग्राहकों के लिए रिचार्ज विकल्पों में बदलाव करना होगा।
28 दिन का डेटा प्लान है तो बिना डेटा वाला विकल्प भी देना होगा
नए प्रावधान का महत्वपूर्ण पहलू रिचार्ज की वैधता से जुड़ा है। यदि कोई कंपनी 28 दिनों की अवधि वाला ऐसा प्लान बेचती है जिसमें कॉलिंग, SMS और डेटा तीनों शामिल हैं, तो उसे नियमों के मुताबिक बिना डेटा वाला वॉयस-SMS विकल्प भी उपलब्ध कराना होगा।
इसी प्रकार 30 दिन या उससे कम अवधि की दूसरी वैधता वाले डेटा-बंडल प्लान उपलब्ध होने की स्थिति में संबंधित अवधि के लिए वॉयस-SMS विकल्प उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।
डेटा हटेगा तो कीमत में भी करनी होगी उचित कमी
ग्राहकों के लिहाज से सबसे अहम पहलू कीमत का है। TRAI ने किसी रिचार्ज के लिए एक निश्चित रकम तय नहीं की है। यानी ऐसा कोई निर्देश नहीं है कि 28 दिनों का कॉलिंग प्लान किसी निश्चित कीमत पर ही उपलब्ध कराया जाए।
दूरसंचार कंपनियां अपने प्लान की कीमत निर्धारित कर सकेंगी, लेकिन डेटा शामिल नहीं होने की स्थिति में संबंधित वॉयस और SMS वाले स्पेशल टैरिफ वाउचर की कीमत में उचित कमी करनी होगी।
इसका सीधा अर्थ है कि जिस ग्राहक को मोबाइल डेटा की जरूरत ही नहीं है, उसके पास डेटा के लिए अतिरिक्त भुगतान किए बिना केवल कॉलिंग और SMS वाला विकल्प चुनने का रास्ता होगा।
पहले लंबे समय के प्लान तक सीमित थे विकल्प
दिसंबर 2024 में TRAI ने दूरसंचार कंपनियों के लिए कम से कम एक वॉयस और SMS-ओनली स्पेशल टैरिफ वाउचर उपलब्ध कराना जरूरी किया था। इसके बाद कंपनियों ने ऐसे प्लान पेश किए, लेकिन TRAI के अनुसार इनकी संख्या सीमित रही।
ऐसे अधिकांश प्लान करीब 80/84 दिन या 336/365 दिन जैसी लंबी वैधता वाले थे। छोटी अवधि के वॉयस-SMS विकल्प सीमित होने के कारण ऐसे ग्राहकों के सामने परेशानी बनी रही, जिन्हें केवल कुछ सप्ताह या एक महीने के लिए कॉलिंग की जरूरत होती थी।
इसके विपरीत डेटा वाले प्लान में ग्राहकों को कई तरह की वैधता के विकल्प उपलब्ध थे।
बुजुर्गों और फीचर फोन उपयोगकर्ताओं को मिल सकती है बड़ी राहत
TRAI ने इस स्थिति को विशेष रूप से कम आय वाले ग्राहकों, ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं, बुजुर्गों और फीचर फोन उपयोगकर्ताओं के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना है।
उदाहरण के तौर पर घर के किसी बुजुर्ग के पास ऐसा मोबाइल है जिसका उपयोग केवल फोन कॉल के लिए होता है, तो उन्हें डेटा वाला पैक लेने की मजबूरी कम हो सकती है। इसी तरह दूसरा सिम केवल कॉलिंग के लिए रखने वाले या इंटरनेट के लिए वाई-फाई पर निर्भर रहने वाले ग्राहक भी बिना डेटा वाला प्लान चुन सकेंगे।
क्या अब सभी मोबाइल रिचार्ज सस्ते हो जाएंगे?
नहीं। नए नियम का अर्थ सभी मोबाइल रिचार्ज की कीमतों में कटौती नहीं है। जिन ग्राहकों को मोबाइल डेटा की आवश्यकता है और जो कॉलिंग, SMS तथा डेटा वाला प्लान इस्तेमाल करते हैं, उनके मौजूदा रिचार्ज की कीमत कम होने की कोई गारंटी इस नियम से नहीं मिलती।
बदलाव का फायदा मुख्य रूप से उन ग्राहकों को होगा जिन्हें डेटा की आवश्यकता नहीं है। ऐसे उपभोक्ताओं को डेटा सहित पैक खरीदने के बजाय केवल कॉल और SMS वाला अपेक्षाकृत कम कीमत का विकल्प मिल सकेगा।
28 दिन के रिचार्ज चक्र से अलग मासिक विकल्प भी
नए नियम में मासिक रिचार्ज को लेकर भी महत्वपूर्ण प्रावधान है। कंपनियों को ऐसा वॉयस-SMS विकल्प उपलब्ध कराना होगा जिसे प्रत्येक महीने एक ही तारीख पर नवीनीकृत किया जा सके। जिस महीने संबंधित तारीख उपलब्ध नहीं होगी, उस महीने की अंतिम तारीख को नवीनीकरण किया जा सकेगा।
मसलन किसी प्लान का नवीनीकरण हर महीने की 15 तारीख को निर्धारित है तो अगले महीने भी 15 तारीख को उसका नवीनीकरण संभव होगा।
हालांकि इसका अर्थ यह नहीं है कि बाजार में मौजूद हर 28 दिन वाला रिचार्ज अपने आप 30 दिन का हो जाएगा। कंपनियों को इस प्रकार का कम से कम एक विकल्प उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
84 और 365 दिन वाले प्लान भी बने रहेंगे
छोटी अवधि के विकल्प आने का मतलब लंबी वैधता वाले वॉयस-SMS प्लान बंद होना नहीं है। नियमों के तहत लंबी अवधि वाला विकल्प भी उपलब्ध रहेगा। इससे ऐसे ग्राहक भी अपनी जरूरत के मुताबिक प्लान चुन सकेंगे जिन्हें तीन महीने या उससे अधिक समय के लिए केवल कॉल और SMS सेवा चाहिए।
वॉयस और SMS-ओनली पैक में मोबाइल डेटा शामिल नहीं होगा और ऐसे प्लान की वैधता 365 दिनों तक हो सकती है।
Jio, Airtel, Vi समेत ऑपरेटरों के प्रीपेड प्लान पर पड़ेगा असर
नए नियम का असर देश के प्रमुख दूरसंचार ऑपरेटरों के प्रीपेड रिचार्ज विकल्पों पर दिखाई दे सकता है। बाजार में फिलहाल कॉलिंग के साथ डेटा वाले प्लान बड़ी संख्या में उपलब्ध हैं, जबकि केवल कॉल और SMS वाले विकल्प तुलनात्मक रूप से सीमित हैं।
नए प्रावधानों के बाद कंपनियों को अलग-अलग वैधता में बिना डेटा वाले विकल्प बढ़ाने होंगे। इससे ग्राहकों के सामने अपनी जरूरत के अनुसार रिचार्ज चुनने के अधिक विकल्प उपलब्ध होने की उम्मीद है।
कीमत तय करने की स्वतंत्रता कंपनियों के पास
TRAI ने वॉयस-SMS प्लान की कोई एक निश्चित कीमत तय नहीं की है। इसलिए अभी यह कहना संभव नहीं है कि नया 28 दिन, 30 दिन या अन्य अवधि वाला रिचार्ज वास्तव में कितने रुपये में मिलेगा।
कंपनियों के पास अपनी व्यावसायिक रणनीति के अनुसार कीमत निर्धारित करने की गुंजाइश रहेगी, लेकिन संबंधित डेटा-बंडल प्लान की तुलना में डेटा हटाए जाने के बाद कीमत में उचित कमी की शर्त लागू होगी।
TRAI ने दूरसंचार कंपनियों की दलील नहीं मानी
नियम पर विचार-विमर्श के दौरान कुछ दूरसंचार कंपनियों और अन्य पक्षों ने आशंका जताई थी कि अत्यधिक सस्ते वॉयस-SMS प्लान से कंपनियों की आय और नेटवर्क में निवेश प्रभावित हो सकता है। यह तर्क भी सामने आया कि यदि ऐसे प्लान की पर्याप्त मांग होती तो कंपनियां स्वयं इन्हें बाजार में उपलब्ध करातीं।
TRAI ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया। नियामक के मुताबिक मौजूदा वॉयस-SMS प्लान की कम मांग को केवल ग्राहकों की कम रुचि के रूप में नहीं देखा जा सकता, क्योंकि ऐसे प्लान पर्याप्त रूप से प्रदर्शित नहीं किए जाने और छोटी वैधता के विकल्प सीमित होने जैसे पहलू भी इससे जुड़े हैं।
डेटा वाले प्लान नहीं होंगे बंद, ग्राहकों को मिलेगा अतिरिक्त विकल्प
TRAI के बदलाव से मौजूदा डेटा वाले प्लान समाप्त नहीं होंगे। जिन ग्राहकों को मोबाइल इंटरनेट चाहिए, वे पहले की तरह कॉलिंग, SMS और डेटा वाला पैक चुन सकेंगे।
बड़ा बदलाव यह है कि जिन ग्राहकों को डेटा की जरूरत नहीं है, उनके पास अब केवल कॉल और SMS के लिए ज्यादा वैधता विकल्प उपलब्ध होंगे। यानी ग्राहक अपनी वास्तविक जरूरत के हिसाब से रिचार्ज चुन सकेंगे और अनावश्यक डेटा के लिए भुगतान करने की मजबूरी कम हो सकती है।
डिस्क्लेमर: यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।