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मनोरंजन

कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन पर विवाद जारी, अब उर्वशी रौतेला ने भी उठाए सवाल; बोलीं- परंपरा और क्रिएटिविटी के बीच दायरा जरूरी

कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन पर विवाद जारी, अब उर्वशी रौतेला ने भी उठाए सवाल; बोलीं- परंपरा और क्रिएटिविटी के बीच दायरा जरूरी

NTN REPORT// मुंबई। अभिनेत्री कृति सेनन के रक्षाबंधन से जुड़े विज्ञापन को लेकर शुरू हुआ विवाद लगातार चर्चा में बना हुआ है। विवाद के बीच विज्ञापन को सभी प्रमुख मंचों से हटा दिया गया है। इससे पहले कंगना रनौत ने विज्ञापन को लेकर आपत्ति जताई थी। अब अभिनेत्री उर्वशी रौतेला ने भी बिना कृति सेनन का नाम लिए विज्ञापन में दिखाई गई पोशाक और रक्षाबंधन जैसे पर्व के संदर्भ को लेकर अपनी राय रखी है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

विज्ञापन हटाए जाने के बाद भी विवाद बरकरार

रक्षाबंधन के मौके पर जारी किए गए इस विज्ञापन में कृति सेनन के पहनावे को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए गए थे। विवाद बढ़ने के बाद संबंधित ब्रांड ने विज्ञापन को अपने सभी मंचों से हटा दिया। हालांकि, विज्ञापन हटाए जाने के बाद भी इसे लेकर बहस जारी है।

विवाद का मुख्य केंद्र विज्ञापन में कृति सेनन द्वारा पहनी गई पोशाक और रक्षाबंधन जैसे पारंपरिक पर्व के साथ उसके इस्तेमाल को लेकर उठाए गए सवाल हैं।

उर्वशी रौतेला ने क्या कहा?

समाचार एजेंसी से बातचीत में उर्वशी रौतेला ने कहा कि उनकी राय में क्रिएटिविटी के नाम पर सांस्कृतिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह किसी व्यक्ति को उसके पहनावे या कपड़ों के आधार पर जज नहीं करतीं, लेकिन आजादी और रचनात्मकता का जश्न मनाते समय सांस्कृतिक संवेदनशीलता का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

उर्वशी ने कहा कि रक्षाबंधन बेहद संवेदनशील और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण पर्व है। ऐसे में किसी ब्रांड के प्रचार के लिए रचनात्मकता का इस्तेमाल करते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि लोगों की धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाएं आहत न हों।

‘करोड़ों लोग मनाते हैं रक्षाबंधन’

उर्वशी रौतेला ने कहा कि करोड़ों लोग रक्षाबंधन का पर्व मनाते हैं और भारतीयों को अपनी परंपराओं पर गर्व है। उनके मुताबिक, क्रिएटिविटी और रक्षाबंधन जैसे पवित्र पर्व के बीच एक ऐसी सीमा होनी चाहिए, जिसका ध्यान रखा जाए।

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में रक्षाबंधन का विशेष महत्व है और भाई-बहन के रिश्ते को समर्पित इस पर्व के साथ किसी भी तरह की रचनात्मक प्रस्तुति करते समय जागरूकता और संवेदनशीलता जरूरी है।

महिलाओं की आजादी पर भी रखी राय

उर्वशी ने महिलाओं की स्वतंत्रता को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपनी आजादी और अपनी पसंद के अनुसार जीवन जीने का अधिकार है। महिलाएं शक्तिशाली हैं और उन्हें अपनी स्वतंत्रता पर विश्वास रखना चाहिए।

हालांकि, उर्वशी ने इसके साथ जागरूकता की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी और अपने देश तथा संस्कृति के प्रति सम्मान भी जरूरी है।

बिना नाम लिए कृति सेनन पर निशाना?

उर्वशी रौतेला ने अपने बयान में कृति सेनन का सीधे तौर पर नाम नहीं लिया। हालांकि, उनका बयान ऐसे समय आया है जब कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन में पहनी गई पोशाक को लेकर विवाद चल रहा है। ऐसे में उनके बयान को कृति के विज्ञापन और पहनावे से जोड़कर देखा जा रहा है।

फिलहाल विज्ञापन हटाए जाने के बावजूद इस मामले पर सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में चर्चा जारी है। विवाद ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि विज्ञापन और मनोरंजन के क्षेत्र में रचनात्मक स्वतंत्रता के साथ धार्मिक एवं सांस्कृतिक संवेदनशीलताओं का संतुलन किस तरह बनाया जाए।

अस्वीकरण: यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है। बयान संबंधित व्यक्तियों द्वारा दिए गए कथनों के रूप में प्रस्तुत किए गए हैं।

Nilesh Tiwari

Editor- NTN Report 📱+91 93298 23355 📧 tnilesh2711@gmail.com
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