
विपक्ष ने महिला सशक्तिकरण की राह रोकी, 33% आरक्षण का अवसर छीना – अमर सुल्तानिया
NTN NEWS REPORT// जांजगीर-चांपा। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं जशपुर जिला संगठन प्रभारी अमर सुल्तानिया ने महिला आरक्षण से जुड़े विधायी प्रयासों के आगे नहीं बढ़ पाने पर विपक्ष पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि देश की आधी आबादी को सशक्त बनाने का ऐतिहासिक अवसर विपक्ष की राजनीति की भेंट चढ़ गया।
महिला सशक्तिकरण के प्रति विपक्ष की नकारात्मक सोच उजागर
अमर सुल्तानिया ने बयान जारी कर कहा कि प्रस्तावित व्यवस्था के तहत महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देकर नीति निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने का मार्ग प्रशस्त किया जा रहा था। इससे संसद और अन्य लोकतांत्रिक संस्थाओं में महिलाओं की प्रभावी उपस्थिति बढ़ती, उनकी आवाज मजबूत होती तथा सामाजिक और विकासात्मक निर्णयों में संतुलन आता।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने इस पहल का विरोध कर महिला सशक्तिकरण के प्रति अपनी नकारात्मक सोच को उजागर किया है। उनके अनुसार, यह कदम देश की लोकतांत्रिक संरचना को अधिक समावेशी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल थी, जिससे महिलाओं की निर्णायक भूमिका सुनिश्चित होती।
बढ़ती जनसंख्या के अनुरूप प्रतिनिधित्व की आवश्यकता
सुल्तानिया ने कहा कि देश की बढ़ती जनसंख्या और बदलते सामाजिक परिवेश को देखते हुए महिलाओं को व्यापक अवसर प्रदान करना समय की मांग है। 33 प्रतिशत आरक्षण से राजनीति में नई ऊर्जा आती और आने वाले समय में महिला नेतृत्व के नए आयाम स्थापित होते।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब समाज के सभी वर्गों की समान भागीदारी सुनिश्चित हो। महिला आरक्षण इस दिशा में एक ठोस और ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता था।
राजनीतिक स्वार्थ में महिला अधिकारों की अनदेखी
अमर सुल्तानिया ने विपक्ष पर राजनीतिक स्वार्थ को प्राथमिकता देने का आरोप लगाते हुए कहा कि महिला अधिकारों की अनदेखी कर देश की आधी आबादी के भविष्य से समझौता किया गया है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल भाषणों और घोषणाओं से नहीं, बल्कि ठोस नीतिगत निर्णयों से संभव है।
उन्होंने दोहराया कि भाजपा महिलाओं के अधिकार, सम्मान और भागीदारी को लेकर प्रतिबद्ध है तथा भविष्य में भी महिला सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयास जारी रखे जाएंगे।