
बीमा अवधि में बीमा धारक की हुई मृत्यु, बीमा राशि देने से किया इन्कार अब देने होंगे बीमा राशि के 2,00,000 रुपए, जानिए क्या है मामला…
जांजगीर चाम्पा 10 जुलाई 2025// जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग जांजगीर ने सुनवाई करते हुए बीमा अवधि में बीमा धारक की मृत्यु होने पर बीमा राशि देने से इनकार करने वाली इंडिया फ़र्स्ट लाइफ़ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को बीमा की राशि देने का आदेश पारित किया अब बीमा राशि 2,00,000/- दो लाख रुपए , मुकदमे के खर्च 5,000/- व मानसिक क्षतिपूर्ति 20,000/- देना होगा।
प्राप्त जानकारी अनुसार उपभोक्ता/ शिकायतकर्ता सोना भैना निवासी छीतापंडरिया जिला सक्ती की पत्नी स्वर्गीय सेवती बाई का बैंक ऑफ़ बड़ौदा में बचत खाता था। जिसमें शिकायतकर्ता नॉमिनी था। सेवती बाई ने शासन की योजना के अनुसार प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा की प्रीमियम राशि 12 /-रुपये अपने बचत खाते से कटवाई थी । जिसमें मृत्यु होने पर 2,00,000 /- दो लाख रुपये की बीमा राशि देय थी । बीमा अवधि में ही सेवती बाई की मृत्यु हो गई।
तब उपभोक्ता/शिकायतकर्ता ने बीमा राशि की माँग किया। लेकिन इंडिया फ़र्स्ट लाइफ़ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड ने बीमा राशि इस आधार पर देने से इंकार कर दिया कि जाली दस्तावेज़ दिए गए हैं। तब उपभोक्ता/ शिकायतकर्ता ने जिला उपभोक्ता आयोग जांजगीर के समक्ष शिकायत प्रस्तुत किया। जिला उपभोक्ता आयोग जांजगीर के अध्यक्ष प्रशांत कुंडू , सदस्य विशाल तिवारी , सदस्य श्रीमती महिमा सिंह ने दोनों पक्षों के द्वारा पेश शपथ पत्र, दस्तावेजों व तर्कों का सावधानी पूर्वक अवलोकन कर पाया कि बीमा धारक की मृत्यु बीमा अवधि में ही हुई थी।
शिकायतकर्ता के द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज़ सही है। बीमा कंपनी ने बीमा राशि देने से इंकार कर सेवा में कमी की है। अतः बीमा कंपनी उपभोक्ता/शिकायतकर्ता को बीमा राशि ₹2,00,000/- दो लाख रुपए , मासिक संताप का ₹20,000 /- बीस हजार रुपए तथा वाद व्यय का ₹5,000 /- आदेश दिनांक से 45 दिनों के भीतर अदा करेगी। नियत अवधि में आदेशित राशि नहीं देने पर आदेश दिनांक से भुगतान दिनांक तक आदेशित राशि पर 6% वार्षिक ब्याज देगी । उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 35 के अंतर्गत पेश परिवाद / शिकायत को स्वीकार कर उक्त आदेश पारित किया गया ।