
हाऊसिंग बोर्ड के द्वारा उपभोक्ताओं के लिए जल्द ही आकर्षक आफर की प्लानिंग
रायपुरः निजी बिल्डरों से मिल रही प्रतिस्पर्धा के चलते अब हाउसिंग बोर्ड अपनी रणनीति में बदलाव कर रहा है। बोर्ड इन दिनों अपने खाली पड़े प्रोजेक्टों में यह जानने की कोशिश कर रहा है कि आखिर मकान क्यों नहीं बिक रहे हैं। किन सुविधाओं की कमी है तथा और कौन सी सुविधाएं लाई जा सकती हैं। मकानों के डिजाइन में भी बदलाव किया जा सकता है। जिला कलेक्टरों को पत्र भी लिखा गया है कि वे अपने कार्यालय के आसपास खाली पड़ी जमीन बताएं वहा हाऊसिंग प्रोजेक्ट लाए जाएंगे।
माडल हाउस के साथ जबरदस्त होगी मार्केटिंग:- निजी बिल्डरों की तरह अब हाउसिंग बोर्ड भी उपभोक्ताओं को रिझाने माडल बनाने के साथ ही अपने प्रोजेक्ट की मार्केटिंग करेगा। कुछ प्रोजेक्टों की मार्केटिंग तो अभी से शुरू हो गई है।
मुख्य बातें • जो प्रोजेक्ट नहीं बिके, उनकी कमियां दूर कर रिडेवलपमेंट की हो रही तैयारी
• कलेक्टरों से मांगी जाएगी आसपास की जमीन, वहां बनेंगे हाउसिंग प्रोजेक्ट
• माडल हाउस बनाने के साथ होगी प्रोजेक्ट की जबरदस्त मार्केटिंग
फ्लैटों को नहीं मिले खरीदार: रायपुर सहित प्रदेश भर में हाउसिंग बोर्ड के 3,496 फ्लैट नहीं बिके हैं। इनकी कीमत लगभग 582 करोड़ है। अकेले रायपुर की बात करें तो डूमरतराई में 93, बोरियाकला में 734 और पिरदा में 242 फ्लैट खाली हैं। नारायणपुर, बिलासपुर, दुर्ग, कोरबा, परसदा, बीजापुर, कोतापाल आदि क्षेत्रों में फ्लैट खाली पड़े हैं।