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सुप्रीम कोर्ट/हाईकोर्ट

सुप्रीम कोर्ट में पांच नए जजों की नियुक्ति की तैयारी, कॉलेजियम ने राष्ट्रपति को भेजी सिफारिश

न्यायपालिका की क्षमता बढ़ाने और लंबित मामलों के निपटारे को गति देने की दिशा में बड़ा कदम

NTN REPORT// नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में जल्द ही पांच नए जजों की नियुक्ति हो सकती है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने पांच नामों की सिफारिश केंद्र सरकार के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजी है। इन नामों में चार विभिन्न हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (चीफ जस्टिस) और एक वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल हैं।

फाइल फोटो

यह सिफारिश ऐसे समय में की गई है जब आने वाले महीनों में सुप्रीम कोर्ट के कई न्यायाधीश सेवानिवृत्त होने वाले हैं। ऐसे में शीर्ष अदालत की कार्यक्षमता बनाए रखने और लंबित मामलों के तेजी से निपटारे के उद्देश्य से यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इन नामों की हुई सिफारिश

कॉलेजियम द्वारा जिन नामों की सिफारिश की गई है, उनमें शामिल हैं—

  • पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश शील नागू
  • बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर
  • मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा
  • जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अरुण पल्ली
  • वरिष्ठ अधिवक्ता वी. मोहना

इन सभी नामों को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की अनुशंसा की गई है।

राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद होगी नियुक्ति

कॉलेजियम की सिफारिशों को अब विधि एवं न्याय मंत्रालय के माध्यम से राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद संबंधित व्यक्तियों की नियुक्ति अधिसूचित की जाएगी और वे सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण कर सकेंगे।

सुप्रीम कोर्ट में बढ़ाई गई जजों की संख्या

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या बढ़ाई गई है। पहले शीर्ष अदालत में मुख्य न्यायाधीश सहित कुल 34 जजों का प्रावधान था, जिसे बढ़ाकर 38 कर दिया गया है। अब मुख्य न्यायाधीश सहित कुल 38 न्यायाधीश सुप्रीम कोर्ट में कार्य कर सकेंगे।

इस फैसले का उद्देश्य अदालत में बढ़ते मामलों के दबाव को कम करना और न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है।

लंबित मामलों के निपटारे में मिल सकती है मदद

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि नए जजों की नियुक्ति से सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी। साथ ही संवैधानिक, जनहित और अन्य महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई के लिए अधिक बेंचों का गठन संभव हो सकेगा। इससे न्यायिक व्यवस्था की दक्षता बढ़ने और आम नागरिकों को समय पर न्याय मिलने की उम्मीद है।

न्यायपालिका की मजबूती की दिशा में अहम कदम

सुप्रीम कोर्ट देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था है और यहां होने वाली नियुक्तियां न्यायिक व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। पांच नए जजों की संभावित नियुक्ति को न्यायपालिका की क्षमता बढ़ाने तथा न्याय वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Nilesh Tiwari

Editor- NTN Report 📱+91 93298 23355 📧 tnilesh2711@gmail.com
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