
अगली जनगणना में जातियों को भी गिना जाएगा, केंद्रीय कैबिनेट के तीन बड़े फैसले जानिए…
NTN NEWS REPORT// Cabinet Briefing Today: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने अगली जनगणना से जाति जनगणना कराने का फैसला लिया है. इसके अलावा, केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में गन्ना किसानों को राहत देने का भी फैसला हुआ।
Union Cabinet Briefing Today: भारत की अगली जनगणना जब भी होगी, उसमें जातियों की गिनती भी की जाएगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने बुधवार को इस बड़े फैसले की घोषणा की. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णन ने कैबिनेट ब्रीफिंग में बताया कि राजनीतिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCPA) ने आज फैसला किया है कि जाति गणना को आगामी जनगणना में शामिल किया जाना चाहिए. इसके अलावा मेघालय से असम को जोड़ने वाले हाइवे को भी मंजूरी दी गई. कैबिनेट बैठक में पहलगाम हमले में जान गंवाने वालों की याद में दो मिनट का मौन रखा गया. केंद्रीय मंत्रिमंडल की यह बैठक पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पहली बैठक रही।

कैबिनेट मीटिंग में क्या फैसले लिए गए? : अश्विनी वैष्णव ने कहा- कांग्रेस की सरकारों ने जाति जनगणना का विरोध किया है, 1947 के बाद से जाति जनगणना नहीं की है. कांग्रेस ने जाति जनगणना की जगह जाति सर्वे कराया, यूपीए सरकार में कई राज्यों ने राजनीतिक दृष्टि से जाति सर्वे किया है. जाति की जनगणना मूल जनगणना में ही सम्मिलित होना चाहिए. पीएम मोदी के नेतृत्व में राजनीतिक मामलों की कैबिनेट समिति ने जाति की जनगणना को आने वाले जनगणना में सम्मिलित करने का फैसला लिया है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसलों पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, ‘चीनी सीजन 2025-26 के लिए गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य 355 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है. यह बेंचमार्क मूल्य है, जिससे नीचे इसे नहीं खरीदा जा सकता है.‘
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि कैबिनेट ने मेघालय और असम को जोड़ने वाले शिलांग-सिलचर 166.8 किलोमीटर लंबे चार लेन कॉरिडोर राजमार्ग को ₹22,864 करोड़ के परिव्यय के साथ मंजूरी दे दी है।
ताबड़तोड़ बैठकें कर रहे पीएम मोदी : PM मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को उनके आवास पर सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की बैठक हुई. यह महत्वपूर्ण बैठक 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा स्थिति और भविष्य की कार्रवाई पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी।
प्रधानमंत्री के आवास पर CCS की बैठक दूसरी बार बुलाई गई थी. इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शामिल रहे. इस बैठक के बाद राजनीतिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति (CCPA) और आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति (CCEA) की बैठकें हुईं।
CCS की पहली बैठक में हुए थे कड़े फैसले : प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में हुई पहली CCS बैठक में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कदम उठाए. इनमें सिंधु जल समझौते को निलंबित करना, अटारी सीमा को बंद करना, पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करना, उनके कई यूट्यूब चैनल और एक्स हैंडल पर पाबंदी लगाना शामिल है. इसके अलावा, पाकिस्तानी नागरिकों को उनके देश लौटने का भी निर्देश दिया गया था।
सीसीएस पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के लिए उपलब्ध सैन्य विकल्पों पर भी विचार कर सकती है. 23 अप्रैल की सीसीएस बैठक में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की गई थी और सभी भारतीय बलों को उच्चतम सतर्कता बनाए रखने का निर्देश दिया गया था।