
पहली बार खरीद रहे हैं घर? समझ लीजिए Carpet Vs Super Area का खेल, वरना चूना लगना पक्का
NTN NEWS REPORT// पहली बार घर खरीदते वक्त कई ऐसे डीटेल्स होती है, जिसे आपको अच्छी तरह से समझना जरूरी है. इनकी समझ न होने के कारण आपको बिल्डर चूना भी लगा सकता है।
बिल्डर ऐसे लगाते हैं आपको चूना : पहली बार घर खरीदते वक्त कई ऐसे डीटेल्स होती है, जिसे आपको अच्छी तरह से समझना जरूरी है. इनकी समझ न होने के कारण आपको बिल्डर चूना भी लगा सकता है. इसमें सबसे जरूरी है कार्पेट एरिया और सुपर एरिया।
क्या होता है कार्पेट एरिया : कार्पेट एरिया फ्लैट के अंदर की वो असली जगह होती है जिसे आप रोजाना इस्तेमाल कर सकते हैं. इनमें अंदर की दीवारों की मोटाई शामिल हो सकती है।
सुपर बिल्ट-अप एरिया : सुपर बिल्ट-अप एरिया , बालकनी/छत के साथ-साथ बिल्डिंग की कॉमन जगहें जैसे लॉबी, लिफ्ट, सीढ़ियां, क्लब हाउस, स्विमिंग पूल आदि होता है. ये कार्पेट एरिया से 25 से 50 फीसदी ज्यादा होता है।
क्या कहता है RERA : बिल्डर कई बार फ्लैट का रेट सुपर बिल्ड अप के हिसाब से बताते हैं. वहीं,RERA के मुताबिक बिल्डरों को फ्लैट केवला रेरा कारपेट एरिया के आधार पर बेचना जरूरी है. सोसाइटी के ब्रोशर और एग्रीमेंट में कार्पेट एयरिया के बारे में साफ तौर पर बताना होगा।
लोडिंग फैक्टर का इस्तेमाल : कई बार बिल्डर कार्पेट एरिया में कॉमन एरिया का हिस्सा जोड़ने के लिए लोडिंग फैक्टर का इस्तेमाल करते हैं. दरअसल जितनी सुविधाएं जैसे स्विमिंग पूल, जिम आदि होगी. लोडिंग भी ज्यादा होगी. बिल्डर लोडिंग लगाकर सुपर एरिया को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाते हैं।
जरूर पूछें ये सवाल : घर खरीदते वक्त बिल्डर से RERA कार्पेट एरिया जरूर पूछें. बिल्ड अप एरिया के हिसाब से प्रॉपर्टी की तुलना न करें. कार्पेट एरिया के आधार पर प्रति स्क्वायर फुट रेट की तुलना करें. साथ ही बिल्डर-बायर एग्रीमेंट गौर से पढ़ें. RERA कार्पेट एरिया साफ तौर से देखा।