
बड़े – बड़े दावों की खुल रही है पोल , कचरे के ढेर को जलाकर किया जा रहा है कचरे का प्रबंधन…
खुले में कचरे को जलाने पर जुर्माने और सजा का है प्रावधान..
जांजगीर चाम्पा 21 मई 2025 // जांजगीर जिला मुख्यालय के श्रम विभाग कार्यालय के बगल में पड़े कचरे के अंबार को जिम्मेदार विभाग के द्वारा आग लगाकर खत्म किया जा रहा है जबकि कचरे के उचित प्रबंधन के कई उपाय और नियम बने हुए है पर इसका स्थाई समाधान ना करते हुए नगर पालिका के जिम्मेदारों के द्वारा कचरे में आग लगाकर कचरा निपटारा किया जा रहा है।
कचरे के उचित प्रबंधन हेतु शासन से बजट का है प्रावधान : कचरे के उचित प्रबंधन हेतु शासन द्वारा विभिन्न प्रकार से गाइड लाइन बनाई गई है जिससे स्वच्छता से परिपूर्ण शहरों को रखा जा सके परंतु शासन की मंशा के विपरीत जाकर जांजगीर मुख्यालय में कचरे के ढेर को जलाकर कई नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है।
ऐसे लापरवाह अधिकारियों पर हो कड़ी कार्यवाही : कचरे के ढेर में आग लगाकर कचरे का निपटारा करने वाले अधिकारियों पर क्यों ना ठोस कार्यवाही की जाय। इस तरह से कचरे के ढेर में आग लगाने से कई तरह की घटना घटित हो सकती है आग के तेज हवा के रुख से कई रिहायशी इलाकों में आग फैलने की संभावना बढ़ जाती है। इस तरह से कचरे के ढेर में आग लगने से कई तरह के बीमारियों के फैलने की भी आशंका बनी रहती है। इस लापरवाही के जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी और ठोस कार्यवाही की नितांत आवश्यकता है जिससे भविष्य में इस तरह की घोर लापरवाही की पुनरावृत्ती ना हो सके।
खुले में कचरे में आग लगाने पर है जुर्माने और सजा का प्रावधान : खुले कचरे में आग लगाकर निपटान करना प्रतिबंधित है और इसके लिए जुर्माना और सजा का प्रावधान है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने खुले में कचरा जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया है और ऐसा करते पाए जाने पर 5,000 से 25,000 रुपये तक जुर्माना लग सकता है।
प्रतिबंध : खुले में कचरा जलाना पर्यावरण के लिए हानिकारक है, इसलिए इस पर प्रतिबंध लगाया गया है।
जुर्माना : खुले में कचरा जलाने पर 5,000 से 25,000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है।
कारण : खुले में कचरा जलाने से वायु प्रदूषण, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और अन्य पर्यावरणीय नुकसान होते हैं।
पर्यावरण पर प्रभाव : कचरा जलाने से हानिकारक रसायन और गैसें निकलती हैं जो पर्यावरण को दूषित करती हैं और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती हैं।
एनजीटी का आदेश : एनजीटी ने कचरा जलाने पर प्रतिबंध लगाते हुए सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2016 का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है।
पर्यावरण मंत्रालय की भूमिका : एनजीटी ने पर्यावरण मंत्रालय से भी मदद मांगी है और पीवीसी और क्लोरिनेटेड प्लास्टिक पर पाबंदी लगाने का निर्देश दिया है।
अन्य प्रावधान : कई स्थानीय निकाय भी खुले में कचरा जलाने पर प्रतिबंध लगाते हुए जुर्माना लगाते हैं।
उपलब्ध विकल्प : कचरे का उचित निपटान करने के लिए आप कूड़ेदानों का उपयोग कर सकते हैं, अपनी कचरा संग्रहण सेवा का उपयोग कर सकते हैं, या कंपोस्टिंग कर सकते हैं।