
बेलगाम अधिकारियों को नहीं सुशासन की परवाह, अवैध रूप से कर रहे निजी वाहनों में नीली बत्ती का उपयोग… आखिर ऐसे अधिकारियों पर कौन करेगा कार्यवाही?
राज्य शासन के अधिसूचना एवं कड़े दिशा निर्देशों की उड़ा रहे धज्जियां...
NTN NEWS REPORT// अवैध रूप से नीली बत्ती लगी गाड़ियों का उपयोग कर रहे अधिकारियों को देखकर कुछ अधिकारियों का मनोबल इतना बढ़ गया है कि अब वह नीली बत्ती लगी गाड़ियों का उपयोग एवं दुरुपयोग अपने निजी वाहनों में भी करने पर उतारू हो गए हैं। साथ ही नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए हूटर एवं सायरन का भी उपयोग धड़ल्ले से अपने निजी वाहनों में कर रहे हैं।


कलेक्ट्रेट परिसर में नियमों की धज्जियां उड़ाते देखे गए अधिकारी : जहां एक ओर जिले के मुखिया कलेक्टर आकाश छिकारा के द्वारा नियमों का पालन करते हुए नीली बत्ती लगी गाड़ियों का उपयोग नहीं किया जा रहा है। वही उन्हीं के मातहत अधिकारी नियम कायदे की धज्जियां उड़ाते हुए निजी वाहनों में भी अवैध रूप से नीली बत्ती लगी गाड़ियों का उपयोग करते आज नजर आए साथ ही अवैध रूप से वाहन के ऊपरी हिस्से में हूटर सायरन के साथ ही नीली बत्ती के साथ अलग से पीली बत्ती भी लगी हुई दिखाई दी आखिर ऐसे लापरवाह और नियमों की धज्जियां उड़ने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही कब होगी ?


अवैध रूप से नीली बत्ती लगी गाड़ियों का उपयोग करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही करने में नियमों का पालन करवाने वालों के क्यों कांप रहे हाथ ? : जहां एक ओर नियमों का पालन करवाने हेतु कई विभाग चाहे वह परिवहन विभाग हो,यातायात विभाग हो या जिला बल की पुलिस हो सभी मैदानी अमले पर छोटे-छोटे वाहनों पर कार्यवाही करते नजर आ ही जाएंगे चाहे वह दोपहिया वाहन हो चार पहिया वाहन हो या बड़े-बड़े हैवी वाहन हो उनके विरुद्ध लगातार चलानी कार्यवाही देखी जा सकती है। परंतु शायद ही ऐसा कोई मामला हो जब इन विभागों के द्वारा अवैध रूप से नीली बत्ती लगी गाड़ियों का उपयोग कर रहे एवं हूटर लगी, पीली बत्ती लगी गाड़ियों का उपयोग कर रहे अधिकारियों के विरोध किसी भी प्रकार की कार्यवाही की गई हो जिला मुख्यालय पर हूटर लगाकर नीली बत्ती लगाकर अवैध रूप से गाड़ियों का उपयोग कर रहे इन अधिकारियों के ऊपर कार्यवाही करने से आखिर इन नियमों का पालन करवाने वाले विभागों के जिम्मेदार अधिकारियों के हाथ क्यों काँप रहे हैं? आखिर इन पर कार्यवाही क्यों नहीं ?
बिना नंबर प्लेट की गाड़ी का उपयोग कर रहे तहसीलदार : हद तो तब हो गई जब कलेक्ट्रेट परिसर में तहसीलदार नाम का बड़ा सा प्लेट लगाकर निजी गाड़ी में बिना नंबर प्लेट के हूटर सायरन लागी नीली एवं पीली बत्ती गाड़ी दिखाई दी शायद इन पर कार्यवाही कोई ना करें आखिर तहसीलदार साहब जो ठहरे ऐसे ही अधिकारी सुशासन पर पानी फेरते हैं जहां एक ओर विष्णु देव सरकार सुशासन पर लगातार काम करते हुए सुशासन से परिपूर्ण राज्य की परिकल्पना लेकर कार्य कर रही है। वहीं उनके मातहत जांजगीर जिले के कुछ अधिकारी उन्हीं नियम कायदों और सुशासन की धज्जियां उड़ाने का काम कर रहे हैं राज्य सरकार की मंशा पर पानी फिरते हुए वीआईपी कल्चर को बढ़ावा देते हुए नियम कायदों से परे जाकर काम कर रहे हैं। ऐसे अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए जिससे राज्य सरकार के मंशा अनुरूप सुशासन से परिपूर्ण राज्य की परिकल्पना सार्थक हो।