
शादी से पहले सिर्फ कुंडली नहीं, अब करवाएं ‘हेल्थ कुंडली’ भी — जानिए कौन से 3 मेडिकल टेस्ट हैं बेहद जरूरी
NTN NEWS REPORT// शादी जीवन का सबसे अहम फैसला होता है, इसलिए आज के युवा सिर्फ कुंडली मिलान तक सीमित नहीं रह गए हैं। अब वे जीवनसाथी के साथ एक स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने के लिए प्री-वेडिंग हेल्थ चेकअप को भी प्राथमिकता दे रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि शादी से पहले कुछ जरूरी मेडिकल टेस्ट करवा लेने से न केवल कई बीमारियों से बचाव हो सकता है, बल्कि दांपत्य जीवन में भरोसा और समझ भी मजबूत होती है।
1. एसटीडी (STD) टेस्ट: यौन संचारित रोगों की जांच
यह टेस्ट उन संक्रमणों का पता लगाने के लिए किया जाता है जो यौन संबंधों के माध्यम से फैलते हैं। इनमें एचआईवी (HIV), हेपेटाइटिस बी (Hepatitis B), और सिफलिस (Syphilis) जैसी गंभीर बीमारियां शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती दौर में इन बीमारियों के लक्षण नजर नहीं आते, इसलिए शादी से पहले दोनों पार्टनर्स को यह जांच जरूर करानी चाहिए। इससे न केवल दोनों की सुरक्षा बनी रहती है, बल्कि आने वाले समय में किसी जटिल स्थिति से बचाव भी संभव होता है।
2. जेनेटिक कंपैटिबिलिटी टेस्ट: भविष्य के बच्चे की सेहत के लिए जरूरी
यह जांच बताती है कि कहीं दोनों पार्टनर्स के जीन में कोई ऐसी आनुवंशिक समस्या तो नहीं जो आगे चलकर बच्चे में ट्रांसफर हो सकती है। इस टेस्ट से थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया, और अन्य आनुवंशिक रोगों के जोखिम का पता लगाया जा सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि यह जांच उन दंपतियों के लिए बेहद फायदेमंद है जो अपने आने वाले बच्चे की सेहत को लेकर सतर्क रहना चाहते हैं।
3. फर्टिलिटी टेस्ट: प्रजनन क्षमता की जांच
आज की तनावपूर्ण और व्यस्त जीवनशैली के कारण पुरुषों और महिलाओं दोनों में फर्टिलिटी (प्रजनन क्षमता) से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। फर्टिलिटी टेस्ट से यह पता चलता है कि क्या दोनों पार्टनर्स की प्रजनन क्षमता सामान्य है या किसी तरह की दिक्कत मौजूद है। इससे भविष्य में बच्चे की प्लानिंग को लेकर अनावश्यक तनाव से बचा जा सकता है।
ईमानदारी और भरोसे की निशानी
विशेषज्ञ बताते हैं कि शादी से पहले ये मेडिकल टेस्ट कराना किसी पर शक करना नहीं है, बल्कि यह एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी और ईमानदारी की निशानी है।
इन जांचों से कपल्स के बीच पारदर्शिता और भरोसा बढ़ता है, जिससे रिश्ते में मजबूती आती है।
युवाओं में बढ़ रही जागरूकता
शहरी इलाकों में अब युवा कपल्स खुलकर प्री-वेडिंग हेल्थ टेस्ट करवा रहे हैं। उनका मानना है कि अगर शादी से पहले सभी बातें साफ-साफ जान ली जाएं तो भविष्य में किसी भी तरह के विवाद या स्वास्थ्य समस्या से बचा जा सकता है।
शादी सिर्फ दो लोगों का मिलन नहीं, बल्कि दो जीवनों का संगम है। इसलिए अब समय आ गया है कि कुंडली मिलान के साथ ‘हेल्थ कुंडली’ मिलान को भी उतनी ही प्राथमिकता दी जाए। ये तीन जरूरी टेस्ट न सिर्फ आपकी सेहत की सुरक्षा करते हैं बल्कि आपके रिश्ते को और भी मजबूत बनाते हैं।