
देश : पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने कहा था कि ‘हिंदुत्व’ एक बीमारी है, जो हिंदू धर्म को बदनाम कर रही है, जो अल्पसंख्यकों खासकर मुसलमानों की ‘लिंचिंग और उत्पीड़न’ को बढ़ावा दे रही है, जिसका इस्तेमाल भाजपा अपने वोट बैंक को मजबूत करने के लिए कर रही है. इल्तिजा के इस विवादास्पद बयान पर बीजेपी ने पलटवार किया है।

भारतीय जनता पार्टी ने इस टिप्पणी पर आपत्ति जताई और ‘अपमानजनक शब्दों’ के लिए माफी की मांग की. बीजेपी नेता अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि महबूबा मुफ्ती और उनकी बेटी इल्तिजा मुफ्ती हमेशा भारत के खिलाफ बोलती हैं, कुछ दिन पहले, महबूबा मुफ्ती गाजा, बांग्लादेश की तुलना भारत से कर रही थीं. अब उनकी बेटी इल्तिजा इस्लाम की तुलना हिंदू धर्म से कर रही हैं. वह दो धर्मों की तुलना कैसे कर सकती हैं? वे जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव हार गए हैं और कश्मीर के मुसलमानों ने उन्हें खारिज कर दिया है क्योंकि वे नफरत फैला रहे है।
क्या बोलीं इल्तिजा मुफ्ती ?इल्तिजा ने कहा, “इस व्यक्ति ने मुस्लिम बच्चों को चप्पलों से बेरहमी से पीटा. इसे देखकर मुझे गुस्सा आ गया और मुझे इस पर ट्वीट करना पड़ा.” उन्होंने भगवान राम का नाम ट्वीट में शामिल करने के कारण पर कहा, “पिछले 10 वर्षों में मुसलमानों के खिलाफ लगातार हिंसा हो रही है. मॉब लिंचिंग रुकने का नाम नहीं ले रही, बच्चों को राम का नाम जपने के लिए पीटा जा रहा है. ये वही लोग हैं जो कहते हैं कि यह रामराज्य है. लेकिन यह कैसा रामराज्य है जहां बच्चों को इसलिए मारा जाता है क्योंकि वे भगवान राम का नाम नहीं लेते?”
‘किसी को उकसाना मकसद नहीं’ इल्तिजा ने कहा कि उनका मकसद किसी को उकसाना नहीं है, लेकिन वह ऐसी घटनाओं पर चुप नहीं रह सकतीं. उन्होंने कहा, “आप मुसलमानों को मारते हैं और उम्मीद करते हैं कि मैं चुप रहूं. मैं क्यों चुप रहूं?”हिंदुत्व पर निशाना साधते हुए उन्होंने इसे ‘बीमारी’ करार दिया. उन्होंने कहा, “हिंदुत्व ने सभी की सोच को जहरीला बना दिया है. हिंदुओं में ज्यादातर लोग कट्टर बन गए हैं. यह एक बीमारी है. एक मुसलमान होने के नाते मैं इसे समझती हूं क्योंकि जैसे आतंकवादियों ने इस्लाम को बदनाम किया, वैसे ही अब हिंदुत्व के नाम पर हिंदू धर्म को बदनाम किया जा रहा है।”