
100 साल बाद जब जर्जर हो जाएगा आपका फ्लैट, कौन उठाएगा बिल्डिंग का जिम्मा, आधा भारत है इससे अनजान
NTN NEWS REPORT// फ्लैट और बिल्डिंग की वक्त-वक्त में मरम्मत नहीं हुई तो वह जर्जर हो जाते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि 100 साल बाद इसकी मरम्मत की जिम्मेदारी किसके पास होगी।
1/ 100 साल की लाइफ : फ्लैट या अपार्टमेंट की लाइफ अमूमन 100 साल तक होती है. हालांकि, यदि इतने वक्त तक फ्लैट का रिनोवेशन नहीं हुआ तो वह खंडहर बन जाता है।
2/ 100 साल के बाद किसके पास होगी जिम्मेदारी : फ्लैट के अलावा बिल्डिंग की भी वक्त-वक्त में मरम्मत नहीं हुई तो वह जर्जर हो जाती है. ऐसे में सवाल उठता है कि 100 साल बाद इसकी मरम्मत की जिम्मेदारी किसके पास होगी।
3/ मालिक की जिम्मेदारी : फ्लैट के मरम्मत की जिम्मेदारी फ्लैट के मालिक की ही होगी. इसमें छोटी-मोटी मरम्मत से लेकर सभी चीज शामिल है।
4/ RWA और AOA : ज्यादातर कॉर्पोरेटिव हाउसिंग सोसाइटी में रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) और हाई राइज सोसाइटी में अपार्टमेंट ओनर एसोसिएशन (AOA) होती है. इसमें सभी फ्लैट्स के मालिक शामिल होते हैं।
5/ डेवलपर को किया जाता है नियुक्त : बिल्डिंग जब जर्जर हो जाती है तो उसके रिडेवलपमेंट के लिए ले जाया जाता है. RWA या AOA के सदस्य बहुमत से बिल्डिंग के रिनोवेशन का निर्णय लेता है. इसके बाद डेवलपर को नियुक्त किया जाता है तो एक नई मॉर्डन बिल्डिंग बनाता है।
6/ खतरे में हो यदि बिल्डिंग : बिल्डिंग यदि खतरे के स्तर पर पहुंच गई है और निवासी पुनर्विकास के लिए सहमत नहीं होते हैं, तो स्थानीय नगर निगम या डेवलपमेंट अथॉरिटी सुरक्षा कारणों से हस्तक्षेप कर सकती है. साथ बिल्डिंग खाली करने या गिराने का आदेश दे सकते हैं।