
छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ी उपलब्धि: देश की प्रथम व द्वितीय क्वालिटी सर्टिफाइड IPHL लैब्स बना पंडरी रायपुर और बलौदाबाजार अस्पताल
NTN REPORT// रायपुर, 20 नवंबर 2025। छत्तीसगढ़ ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के क्षेत्र में दो ऐतिहासिक उपलब्धियाँ दर्ज की हैं। जिला अस्पताल पंडरी रायपुर की इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब (IPHL) देश की पहली और जिला अस्पताल बलौदाबाजार की IPHL देश की दूसरी लैब बनी है जिसे भारत सरकार के नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (NQAS) के अंतर्गत राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त हुआ है। दोनों लैब्स ने उत्कृष्ट स्कोर हासिल कर छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य सेवा गुणवत्ता के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित कर दिया है।

राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन : छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक उपलब्धि
भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा नामित विशेषज्ञ टीमों ने सितंबर 2025 में दोनों लैब्स का मूल्यांकन किया। पंडरी रायपुर IPHL को 90% बलौदाबाजार IPHL को 88% स्कोर प्राप्त हुआ।
दोनों स्कोर राष्ट्रीय मानकों में उत्कृष्ट श्रेणी में आते हैं, जो लैब संचालन, गुणवत्ता नियंत्रण, सुरक्षा मानकों, रिपोर्टिंग समय और मरीज-केंद्रित सेवाओं के बेहतरीन प्रबंधन का प्रमाण है।
राज्यों में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर लैब मूल्यांकन
जनवरी 2024 से नवंबर 2025 के बीच छत्तीसगढ़ की 832 स्वास्थ्य संस्थाओं का मूल्यांकन कर उन्हें राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रमाणित किया गया है। इसमें दंतेवाड़ा के चिंतागुफा जैसे अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्र भी शामिल हैं।
यह अपने आप में एक राष्ट्रीय रिकॉर्ड है, जिसने छत्तीसगढ़ को देश में गुणवत्ता आधारित स्वास्थ्य सेवाओं के मॉडल राज्य के रूप में स्थापित किया है।
IPHL मॉडल : एक छत के नीचे सभी जांच सुविधाएँ
IPHL का उद्देश्य पैथोलॉजी, बायोकैमिस्ट्री और माइक्रोबायोलॉजी से संबंधित सभी प्रमुख जांच सेवाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है।
इससे— जांच गति में वृद्धि , रिपोर्ट की विश्वसनीयता ,मरीजों को निजी लैब पर निर्भरता से राहत जैसी बड़ी सुविधाएँ सुनिश्चित होती हैं।
पंडरी रायपुर IPHL : राज्य का मॉडल लैब
प्रतिदिन 3000 से अधिक जांचें , 120 से ज्यादा प्रकार की टेस्टिंग , हब एंड स्पोक मॉडल के तहत जिलेभर से सैंपल की जांच, आवश्यकता पड़ने पर मेडिकल कॉलेज व अन्य जिलों की जांच में भी सहयोग
पंडरी IPHL को भारत सरकार ने कई बार राष्ट्रीय स्तर पर सराहा है। 13 से अधिक राज्यों की टीमें यहां निरीक्षण कर इसके मॉडल को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ चुकी हैं। भारत सरकार की IPHL गाइडलाइन के मुख्य पृष्ठ पर भी इसी लैब की फोटो प्रकाशित की गई है।
बलौदाबाजार IPHL : तेजी से उभरता उच्च गुणवत्ता वाला केंद्र :
प्रतिदिन 1000–1200 जांचें
100+ टेस्टिंग सुविधाएँ
आधुनिक उपकरण, प्रशिक्षित तकनीशियन और सटीक रिपोर्टिंग
ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के मरीजों को जांच हेतु शहर जाने से राहत
इन सुविधाओं ने बलौदाबाजार जिले को स्वास्थ्य जांच के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया है।NQAS मानकों पर छत्तीसगढ़ की उत्कृष्टता
प्रमाणन केवल सफाई या उपकरण तक सीमित नहीं होता, बल्कि इसमें शामिल हैं—
रोगी संतुष्टि
गुणवत्ता नियंत्रण
रिकॉर्ड प्रबंधन
बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट
सुरक्षा और संक्रमण नियंत्रण
उपकरणों की कैलिब्रेशन
प्रशिक्षित तकनीशियन और स्टाफ की क्षमता
दोनों IPHLs ने सभी मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राष्ट्रीय स्तर पर स्थान बनाया है।
स्वास्थ्य प्रणाली में स्थायी सुधार की दिशा में बड़ा कदम
आयुक्त-सह-संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने कहा कि NQAS कार्यक्रम सरकारी अस्पतालों में गुणवत्ता प्रणाली को मजबूत करने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण ढांचा है। प्रमाणन तभी मिलता है जब संस्थान लगातार उत्कृष्टता प्रदर्शित करे।
छत्तीसगढ़ की दोनों लैब्स ने अपने अनुशासन, दक्षता और वैज्ञानिक कार्यप्रणाली से यह उपलब्धि अर्जित की है।
मुख्यमंत्री का संदेश : वैज्ञानिक सुधारों का सशक्त प्रमाण
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दोनों टीमों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा—
“यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य तंत्र में आ रहे व्यापक, वैज्ञानिक और संरचनात्मक सुधारों का प्रमाण है। गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और IPHLs के राष्ट्रीय प्रमाणन ने राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली को नई विश्वसनीयता प्रदान की है। आने वाले समय में राज्य के सभी जिला अस्पतालों को इसी मॉडल पर विकसित किया जाएगा।”
स्वास्थ्य मंत्री का संदेश : गुणवत्ता आधारित स्वास्थ्य विस्तार की दिशा में निर्णायक कदम
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा—
“यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य प्रणाली में आए ऐतिहासिक बदलाव का परिणाम है। IPHL मॉडल ने जांच सेवाओं को तेज, सटीक और किफायती बनाया है। आने वाले समय में इस मॉडल का विस्तार पूरे राज्य में किया जाएगा ताकि छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य गुणवत्ता का अग्रणी राज्य बन सके।”
छत्तीसगढ़ बना देश का स्वास्थ्य गुणवत्ता मॉडल पंडरी रायपुर और बलौदाबाजार IPHL की यह उपलब्धि— , वैज्ञानिक मानकोंआधुनिक तकनीक , प्रशिक्षित मानव संसाधन और शासन की दृढ़ इच्छाशक्ति का उत्कृष्ट संगम है।