कलेक्ट्रेट परिसर में भारतीय किसान संघ का धरना, धान बोनस की लंबित राशि समेत 10 सूत्री मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
NTN REPORT// जांजगीर-चांपा। भारतीय किसान संघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के बैनर तले किसानों ने जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन किया। भारतीय किसान संघ के प्रांत उपाध्यक्ष देव प्रसाद तिवारी के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन के बाद किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने धान बोनस की लंबित राशि के भुगतान से लेकर धान खरीदी व्यवस्था में सुधार, सिंचाई सुविधा के विस्तार और कृषि से जुड़ी समस्याओं के निराकरण की मांग उठाई।

धान बोनस की लंबित राशि का भुगतान करने की मांग
भारतीय किसान संघ ने ज्ञापन में वर्ष 2022-23 की लंबित लगभग 1700 करोड़ रुपये की धान बोनस राशि का भुगतान किसानों को करने की मांग की। साथ ही धान के समर्थन मूल्य में हुई वृद्धि का पूरा लाभ किसानों को देने तथा कृषक उन्नति योजना के तहत प्रत्येक किसान के लिए 800 रुपये का प्रावधान करने की मांग रखी गई।
धान खरीदी व्यवस्था में सुधार की मांग
किसानों ने धान खरीदी की अवधि 15 नवंबर से 15 फरवरी तक निर्धारित करने की मांग की। इसके अलावा प्रति टोकन अधिकतम 40 क्विंटल अथवा 7500 किलोग्राम धान खरीदी की व्यवस्था करने की मांग की गई।
किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया को सरल बनाने, सभी खातेदारों के पंजीयन की अनिवार्यता समाप्त करने तथा टोकन व्यवस्था में सुधार की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। संघ ने बड़े किसानों को पांच, किसानों को तीन और सीमांत किसानों को दो टोकन देने की व्यवस्था किए जाने की मांग रखी।
धान खरीदी में 40 किलो 700 ग्राम की व्यवस्था लागू करने की मांग
भारतीय किसान संघ ने धान खरीदी के दौरान किसानों के साथ किसी प्रकार का अन्याय नहीं होने देने की मांग करते हुए शासन स्तर से धान खरीदी में प्रति बोरी अधिकतम 40 किलो 700 ग्राम धान लेने संबंधी स्पष्ट आदेश जारी करने की मांग की।
संघ ने कहा कि 13 अक्टूबर 2025 को कैबिनेट मंत्री गगन यादव द्वारा भारतीय किसान संघ के मंच से हजारों किसानों एवं प्रेस के समक्ष घोषणा किए जाने के बावजूद अब तक संबंधित आदेश जारी नहीं किया गया है। किसानों ने इस संबंध में शीघ्र आदेश जारी करने की मांग की।
मनरेगा को कृषि कार्यों से जोड़ने और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर जोर
किसानों ने मनरेगा योजना को कृषि कार्यों से जोड़ने की मांग करते हुए लंबित एवं महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं में तेजी लाने की बात कही। किसानों का कहना है कि कृषि के लिए पर्याप्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने से उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों की लागत भी कम की जा सकती है।
इसके अलावा फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने की मांग भी की गई।
कृषि बिजली की समस्याओं का निराकरण और निजीकरण पर रोक की मांग
ज्ञापन में कृषि विद्युत से जुड़ी समस्याओं का तत्काल निराकरण करने की मांग की गई। साथ ही विद्युत विभाग के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग भी भारतीय किसान संघ ने उठाई।
किसानों ने कहा कि खेती के लिए पर्याप्त एवं निर्बाध बिजली उपलब्ध होना जरूरी है। विद्युत संबंधी समस्याओं के कारण किसानों को खेती के दौरान परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
खाद की अधिक कीमत पर बिक्री रोकने की मांग
भारतीय किसान संघ ने बाजार में निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद बेचने वाले विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। संघ ने कहा कि किसानों को खाद एवं अन्य कृषि सामग्री उचित दर पर उपलब्ध कराई जानी चाहिए तथा अधिक कीमत वसूलने वाले विक्रेताओं पर प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए।
बिचौलियों की मनमानी और भूमि अधिग्रहण का मुद्दा भी उठाया
किसानों ने कृषि उपज के कारोबार में बिचौलियों की मनमानी पर रोक लगाने तथा किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने की मांग की। इसके साथ ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में किसान हितों की रक्षा करने और किसानों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने देने की मांग ज्ञापन के माध्यम से रखी गई।
ये प्रमुख मांगें रहीं शामिल
भारतीय किसान संघ की ओर से मुख्य रूप से धान बोनस की लंबित राशि का भुगतान, कृषक उन्नति योजना के तहत राशि का प्रावधान, धान खरीदी अवधि में बदलाव, टोकन व्यवस्था में सुधार, पंजीयन प्रक्रिया सरल करने, धान खरीदी में निर्धारित मात्रा सुनिश्चित करने, मनरेगा को कृषि कार्यों से जोड़ने, सिंचाई परियोजनाओं में तेजी लाने, कृषि बिजली की समस्याओं का निराकरण, विद्युत विभाग के निजीकरण पर रोक, खाद की कालाबाजारी एवं अधिक कीमत पर बिक्री रोकने, बिचौलियों की मनमानी पर कार्रवाई तथा भूमि अधिग्रहण में किसान हितों की रक्षा जैसी मांगें उठाई गईं।
धरना प्रदर्शन के दौरान भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष संजय सिंह, तहसील अध्यक्ष नवनीत सिंह राणा, तहसील उपाध्यक्ष राम सजीवन कुंभकार, संघ के वरिष्ठ सदस्य युगल किशोर सिंह, टेक सिंह, रविकांत कश्यप, सुंदरलाल साहू, संजय कश्यप, मोहन कश्यप सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।