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अपराधराज्य/शहर

केतन अग्रवाल हत्याकांड में 5,053 पन्नों की चार्जशीट दाखिल, सिया-चेतन समेत तीन आरोपी; डिजिटल सबूत और गवाहों के बयान बने अहम आधार

NTN REPORT// पुणे,महाराष्ट्र। केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुणे ग्रामीण पुलिस ने वडगांव मावल की प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत में 5,053 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। पुलिस के अनुसार, चार्जशीट में भौतिक, तकनीकी, डिजिटल, फोरेंसिक और चिकित्सकीय साक्ष्यों के साथ बड़ी संख्या में गवाहों के बयान शामिल किए गए हैं। मामले में सिया गोयल, चेतन चौधरी और रितेश हांगे को आरोपी बनाया गया है।

प्रतीकात्मक एआई तस्वीर

80 से 85 गवाहों के बयान, तीन गवाहों के बयान धारा 164 के तहत

पुलिस जांच में करीब 80 से 85 गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं। इनमें ऐसे गवाह भी शामिल हैं, जिन्होंने कथित तौर पर घटना के दौरान सिया गोयल और चेतन चौधरी को देखा था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, तीन प्रमुख गवाहों के बयान दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 164 के तहत दर्ज किए गए हैं। कुछ रिपोर्टों में मामले में कुल पांच प्रत्यक्षदर्शी गवाहों का भी उल्लेख है।

चार्जशीट में व्हाट्सऐप चैट से लेकर मोबाइल डेटा तक

पुलिस ने चार्जशीट में कई तरह के डिजिटल और तकनीकी साक्ष्य शामिल किए हैं। इनमें—

  • व्हाट्सऐप बातचीत
  • तस्वीरें
  • मोबाइल फोन का डेटा
  • कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR)
  • सीसीटीवी फुटेज
  • तकनीकी विश्लेषण से जुड़े प्रमाणपत्र
  • फोरेंसिक रिपोर्ट
  • चिकित्सकीय रिपोर्ट
  • घटनास्थल से बरामद सामग्री
  • गवाहों के बयान

शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान जुटाए गए डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों से घटनाक्रम को जोड़ने की कोशिश की गई है।

चेतन का दोस्त रितेश हांगे भी आरोपी

चार्जशीट की प्रमुख बातों में से एक यह है कि चेतन चौधरी के दोस्त रितेश हांगे को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस के अनुसार, रितेश कथित हत्या की साजिश में शामिल था और उसने सिया तथा चेतन के साथ मिलकर योजना तैयार करने में मदद की।

पुलिस जांच के मुताबिक, रितेश का बेंगलुरु में रहने वाला एक दोस्त भी इस मामले में सामने आया है। कथित तौर पर पहले बाहरी व्यक्ति के जरिए केतन की हत्या कराने की योजना पर विचार किया गया था, लेकिन वह योजना सफल नहीं हो सकी। जांच के दौरान रितेश के इस दोस्त को पुलिस ने गवाह बनाया है।

कैफे में हुई मुलाकात का भी चार्जशीट में जिक्र

पुलिस के अनुसार, 18 जून को चेतन और रितेश हांगे की पुणे के इंजीनियर्स कैफे में मुलाकात हुई थी। जांच में सामने आए दावे के मुताबिक, इस मुलाकात के दौरान चेतन ने रितेश को बताया कि केतन की हत्या हो चुकी है और योजना सफल रही।

पुलिस का आरोप है कि रितेश केवल घटना के बाद की जानकारी रखने वाला व्यक्ति नहीं था, बल्कि हत्या की कथित साजिश में पहले से सक्रिय रूप से शामिल था।

लोहागढ़ की पहले की रेकी और हत्या की कथित योजना

जांच के अनुसार, सिया और चेतन ने केतन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी। इसके बाद लोहागढ़ क्षेत्र की रेकी किए जाने का आरोप है।

चार्जशीट से संबंधित रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने कथित तौर पर केतन को लोहागढ़ लाने के लिए ‘माही’ नाम से एक फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया था। इस खाते के जरिए केतन को सिया के जन्मदिन के बहाने लोहागढ़ बुलाने की योजना का पुलिस ने उल्लेख किया है।

लोहागढ़ में धक्का देने का पुलिस का दावा

पुलिस की जांच के अनुसार, घटना वाले दिन चेतन अलग रास्ते से लोहागढ़ पहुंचा और कथित तौर पर मंदिर के पास इंतजार कर रहा था। इसके बाद सिया के संकेत पर वह निर्धारित स्थान की ओर गया।

चार्जशीट में पुलिस ने आरोप लगाया है कि केतन का ध्यान दूसरी ओर होने के दौरान सिया ने पीछे से धक्का दिया और चेतन ने भी उसे धक्का दिया, जिसके बाद केतन खाई में गिर गया और उसकी मौत हो गई। ये पुलिस द्वारा चार्जशीट में लगाए गए आरोप हैं, जिनका अंतिम निर्धारण न्यायालय में साक्ष्यों और सुनवाई के बाद होगा।

सोनम रघुवंशी मामले से जुड़ी ऑनलाइन सर्च का भी उल्लेख

चार्जशीट में सिया द्वारा मेघालय के सोनम रघुवंशी हत्याकांड से जुड़ी ऑनलाइन जानकारी तलाशने का भी उल्लेख होने की रिपोर्ट है। इसके अलावा पुलिस ने लोहागढ़ में पहले हुई एक महिला की मौत से जुड़ी जानकारी की ऑनलाइन खोज का भी हवाला दिया है।

डिलीट की गई चैट और टूटे मोबाइल की जांच

पुलिस के मुताबिक, हत्या से पहले सिया और चेतन ने कथित तौर पर अपनी व्हाट्सऐप बातचीत डिलीट कर दी थी। जांच के दौरान पुलिस ने अन्य डिजिटल माध्यमों से उपलब्ध जानकारी हासिल की।

रिपोर्टों के अनुसार, सिया के कमरे से एक क्षतिग्रस्त मोबाइल फोन भी बरामद किया गया। पुलिस का दावा है कि इस फोन का इस्तेमाल हत्या से संबंधित जानकारी और तरीकों की ऑनलाइन खोज के लिए किया गया था। बरामद डिजिटल सामग्री को तकनीकी जांच का हिस्सा बनाया गया है।

पहचान परेड भी कराई गई

पुलिस ने जांच के दौरान आरोपियों की पहचान परेड भी कराई थी। पुलिस के अनुसार, इस प्रक्रिया में कुछ गवाहों ने आरोपियों की पहचान की। पहचान परेड और गवाहों के बयान को भी मामले की जांच का हिस्सा बनाया गया है।

अब अदालत में होगी साक्ष्यों की जांच

5,053 पन्नों की चार्जशीट में पुलिस ने कथित साजिश, घटनाक्रम, डिजिटल गतिविधियों, तकनीकी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को एक साथ रखा है। हालांकि, चार्जशीट में लगाए गए आरोप अभी न्यायालय में साबित होना बाकी हैं। अंतिम फैसला अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों, गवाहों की गवाही और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर होगा।

स्रोत: उपलब्ध पुलिस जानकारी एवं विभिन्न समाचार रिपोर्टों के आधार पर। चार्जशीट में लगाए गए आरोपों को न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध किए जाने तक आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

Nilesh Tiwari

Editor- NTN Report 📱+91 93298 23355 📧 tnilesh2711@gmail.com
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