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राजनीति

इंदौर में कल गूंजेगी ‘छात्रों की गूंज’, राहुल गांधी छात्रों से करेंगे सीधा संवाद

1.20 लाख पंजीकरण का कांग्रेस का दावा, शिक्षा-रोजगार और परीक्षा व्यवस्था पर हो सकती है चर्चा; आदिवासी छात्रों की भागीदारी पर भी जोर

NTN REPORT// इंदौर, 18 सितंबर 2026। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 19 सितंबर को मध्य प्रदेश के इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में छात्रों से सीधा संवाद करेंगे। यह इस अभियान का पांचवां कार्यक्रम है। इससे पहले कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। कांग्रेस का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य छात्रों की समस्याओं, उनके सुझावों और भविष्य को लेकर उनकी चिंताओं को सामने लाना है।

1.20 लाख छात्रों के पंजीकरण का दावा

कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, इंदौर कार्यक्रम के लिए अब तक करीब 1.20 लाख छात्रों के पंजीकरण का दावा किया गया है। पार्टी की ओर से इंदौर और आसपास के कोचिंग संस्थानों से भी बड़ी संख्या में छात्रों को कार्यक्रम में लाने की तैयारी की गई है। विभिन्न रिपोर्टों में संभावित उपस्थिति को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं।

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित पार्टी के नेता कार्यक्रम की तैयारियों में जुटे हैं। कांग्रेस का कहना है कि छात्रों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में संपर्क किया जा रहा है।

जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम की अनुमति नहीं मिली, बदला गया कार्यक्रम स्थल

राहुल गांधी का कार्यक्रम पहले इंदौर के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में प्रस्तावित था। स्टेडियम के लिए अनुमति नहीं मिलने के बाद कार्यक्रम की तारीख 12 सितंबर से बढ़ाकर 19 सितंबर की गई और नए स्थल की तलाश की गई। बाद में इंदौर विकास प्राधिकरण के क्षेत्रीय पार्क के सामने स्थित जमीन को अस्थायी पट्टे पर लेकर कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया। कांग्रेस ने इस मैदान को ‘भारत जोड़ो मैदान’ नाम दिया है।

इंदौर विकास प्राधिकरण ने करीब 12 हजार वर्ग मीटर जमीन के अस्थायी उपयोग की अनुमति दी है। कार्यक्रम स्थल को लेकर हाल के दिनों में अतिरिक्त शुल्क का मामला भी सामने आया है। आईडीए ने जमीन के निर्धारित अवधि से पहले इस्तेमाल को लेकर कांग्रेस से करीब 4.03 लाख रुपये अतिरिक्त भुगतान की मांग की है।

आदिवासी छात्रों की भागीदारी पर भी फोकस

इंदौर कार्यक्रम में आदिवासी छात्रों की भागीदारी को लेकर भी कांग्रेस ने विशेष तैयारी की है। पार्टी नेताओं के अनुसार झाबुआ सहित आदिवासी बहुल क्षेत्रों से बड़ी संख्या में छात्र कार्यक्रम में पहुंच सकते हैं। कांग्रेस की ओर से करीब 24 हजार आदिवासी छात्रों की भागीदारी का दावा किया गया है।

पुणे में हुए पिछले कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने एक आदिवासी छात्रावास में कथित भेदभाव का मुद्दा उठाया था और इस संबंध में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र भी लिखा था। इसी पृष्ठभूमि में इंदौर कार्यक्रम में आदिवासी युवाओं और छात्रों से संवाद को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

गैर-राजनीतिक संवाद से राजनीतिक मुद्दों तक पहुंचा अभियान

‘छात्रों की गूंज’ की शुरुआत छात्रों के साथ सीधे संवाद के मंच के रूप में हुई थी। शुरुआती कार्यक्रमों को गैर-राजनीतिक संवाद के तौर पर प्रस्तुत किया गया था। हालांकि, पिछले कार्यक्रमों में राहुल गांधी के भाषणों में शिक्षा और रोजगार के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक मुद्दे भी प्रमुखता से सामने आए।

पुणे कार्यक्रम में उन्होंने भाजपा और आरएसएस की विचारधारा पर टिप्पणी करने के साथ मनुस्मृति, पितृसत्ता और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर बात की थी। इससे पहले के कार्यक्रमों में पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत, सरकारी भर्तियों में कथित अनियमितताओं और रोजगार जैसे विषय भी उठाए गए हैं।

शिक्षा, रोजगार और परीक्षा व्यवस्था रह सकते हैं प्रमुख मुद्दे

इंदौर में राहुल गांधी के संवाद के दौरान शिक्षा व्यवस्था, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, पेपर लीक, भर्ती प्रक्रिया और छात्रों के सामने आने वाली आर्थिक चुनौतियों जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। राहुल गांधी ने छात्रों से अपने सामने आने वाली परेशानियों और अपने सपनों की राह में मौजूद बाधाओं को साझा करने की अपील की है।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कार्यक्रम में छात्रों को अपनी बात सीधे रखने का अवसर देने पर जोर रहेगा।

भाजपा के मजबूत आधार वाले इंदौर में कार्यक्रम

इंदौर में कार्यक्रम का आयोजन राजनीतिक रूप से भी चर्चा में है। शहर और मध्य प्रदेश में भाजपा का मजबूत संगठनात्मक आधार है। कार्यक्रम से पहले भाजपा और कांग्रेस नेताओं के बीच बयानबाजी भी सामने आई है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ‘छात्रों की गूंज’ को लेकर टिप्पणी की है, जिस पर कांग्रेस नेताओं ने प्रतिक्रिया दी। इस तरह कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही इसे लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के नतीजों पर भी नजर

राहुल गांधी का इंदौर कार्यक्रम ऐसे समय हो रहा है जब दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के नतीजे भी चर्चा में हैं। ऐसे में छात्रों और युवा मतदाताओं के बीच राजनीतिक संवाद को लेकर भी इस कार्यक्रम पर नजर रहेगी।

हालांकि कांग्रेस लगातार कह रही है कि ‘छात्रों की गूंज’ का मूल उद्देश्य छात्रों की समस्याओं और उनकी आवाज को सामने लाना है। वहीं, पिछले कार्यक्रमों में राजनीतिक मुद्दों के उठने के कारण इंदौर में राहुल गांधी के संबोधन के राजनीतिक पहलुओं पर भी नजर रहेगी।

मुख्य बिंदु:

  • तारीख: 19 सितंबर 2026
  • स्थान: क्षेत्रीय पार्क के सामने, इंदौर
  • मुख्य वक्ता: राहुल गांधी
  • कार्यक्रम: ‘छात्रों की गूंज’
  • संस्करण: पांचवां
  • पंजीकरण: कांग्रेस के अनुसार करीब 1.20 लाख
  • मुख्य विषय: शिक्षा, रोजगार, परीक्षा व्यवस्था और छात्रों की समस्याएं

नोट: पंजीकरण और संभावित छात्र उपस्थिति से जुड़े आंकड़े कांग्रेस नेताओं के दावों पर आधारित हैं। अस्वीकरण: यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

Nilesh Tiwari

Editor- NTN Report 📱+91 93298 23355 📧 tnilesh2711@gmail.com
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