पद्मावत विवाद पर कुमार विश्वास का पलटवार, बिना नाम लिए स्वरा भास्कर पर साधा निशाना; बोले- ‘जाहिलों’ पर गुस्सा करने से बेहतर है नई पीढ़ी को इतिहास बताना
NTN REPORT// जयपुर/नई दिल्ली। संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत को लेकर वर्षों पहले शुरू हुआ विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अभिनेत्री स्वरा भास्कर के फिल्म को लेकर दिए गए विवादित बयान के संदर्भ में अब कवि कुमार विश्वास ने राजस्थान के गौरवशाली इतिहास, वीरता और बलिदान का उल्लेख करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। हालांकि कुमार विश्वास ने अपने बयान में स्वरा भास्कर का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया।

कुमार विश्वास ने कहा कि किसी फिल्म, कहानी या कुछ घंटों के दृश्य-प्रस्तुतीकरण से राजस्थान के इतिहास, वहां की कुर्बानियों और गौरव को मिटाया नहीं जा सकता। उन्होंने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया पर किसी के बयान को लेकर नाराजगी जताने से ज्यादा जरूरी है कि वे अपनी आने वाली पीढ़ियों को देश और राजस्थान का सही इतिहास बताएं।
‘रक्त से लिखी हुई कुर्बानी, जिसके कारण मिट्टी भी चंदन है राजस्थान की’
राजस्थान के इतिहास और वहां की वीरता का जिक्र करते हुए कुमार विश्वास ने कहा कि राजस्थान का इतिहास रक्त से लिखी गई कुर्बानियों का इतिहास है। उन्होंने कहा—
“दोहराता हूं रक्त से लिखी हुई कुर्बानी, जिसके कारण मिट्टी भी चंदन है राजस्थान की।”
उन्होंने आगे कहा कि किसी के दो घंटे की फिल्म बना देने, किसी के कहानी लिख देने या किसी घटना के कुछ अंश प्रस्तुत कर देने से राजस्थान और राजस्थानियों के गौरवशाली इतिहास पर कोई असर नहीं पड़ सकता। उनके मुताबिक यह तभी संभव है, जब समाज अपनी आने वाली पीढ़ियों को अपने इतिहास से लगातार परिचित कराता रहे।
बिना नाम लिए बोले- ‘जमूरे और जाहिलों’ पर ध्यान देने के बजाय इतिहास बताइए
कुमार विश्वास ने अपने बयान में उन लोगों पर भी निशाना साधा, जो उनके अनुसार देश के इतिहास और संस्कृति की व्याख्या बिना पर्याप्त जानकारी के करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि समाज अपनी अगली पीढ़ी को ऐतिहासिक प्रसंग नहीं बताएगा, तो बाद में किसी दूसरे के बयान पर नाराज होने से कोई फायदा नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग ऐसे हैं, जिन्होंने इतिहास को न तो पढ़ा है और न ही उसे जाना है। इसके बावजूद वे दूर बैठकर देश के इतिहास और संस्कृति की व्याख्या करते हैं। कुमार विश्वास ने ऐसे लोगों के लिए ‘जमूरे’ और ‘जाहिल’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया।
महाराणा प्रताप और हल्दीघाटी का किया जिक्र
कुमार विश्वास ने अपने बयान में महाराणा प्रताप और हल्दीघाटी के इतिहास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी को स्वतंत्रता, निजता और स्वाभिमान की लड़ाई को समझना है तो उसे कुंभलगढ़ जाकर उस स्थान को देखना चाहिए, जहां महाराणा प्रताप का जन्म हुआ था।
उन्होंने कहा कि उस दौर का संघर्ष केवल किसी एक महाराणा को स्वतंत्र कराने का संघर्ष नहीं था, बल्कि यह निजता और स्वाभिमान की लड़ाई भी थी।
कुमार विश्वास ने कहा कि राजस्थान की परंपरा दूसरों के स्वाभिमान को चुनौती देने की नहीं, बल्कि मेहमाननवाजी करने की रही है।
परिवार को ऐतिहासिक स्थलों पर ले जाते हैं कुमार विश्वास
कुमार विश्वास ने अपनी निजी जिंदगी का उदाहरण देते हुए बताया कि वह अपने परिवार और बच्चों को ऐतिहासिक स्थलों पर लेकर जाते हैं और उन्हें वहां के इतिहास से परिचित कराते हैं।
उन्होंने कहा कि वह अपने परिवार को हल्दीघाटी, वृंदावन सहित कई ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों पर लेकर जाते हैं। वहां वे बच्चों को बताते हैं कि किस स्थान पर किस घटना का संबंध है और देश के इतिहास में उसका क्या महत्व रहा है।
उनका कहना था कि इतिहास केवल किताबों में पढ़ने की चीज नहीं है, बल्कि ऐतिहासिक स्थलों पर जाकर उसके प्रसंगों को समझना भी जरूरी है।
‘बैंकॉक, हांगकांग, लास वेगास नहीं, राजस्थान घूमिए’
कुमार विश्वास ने लोगों से राजस्थान के ऐतिहासिक स्थलों को देखने की अपील करते हुए कहा कि विदेशों में घूमने जाने से पहले अपने देश के इतिहास और विरासत को जानना चाहिए।
उन्होंने लोगों से कहा कि बैंकॉक, हांगकांग और लास वेगास जाने के बजाय राजस्थान घूमिए और वहां के एक-एक तीर्थ व ऐतिहासिक स्थल को प्रणाम करिए।
उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को करीब से समझने के लिए अंडमान जाने की भी बात कही। कुमार विश्वास ने कहा कि देश के इतिहास से जुड़ी जगहों को देखने और वहां की घटनाओं को समझने से नई पीढ़ी अपने अतीत को बेहतर तरीके से जान सकती है।
पद्मावत विवाद में स्वरा भास्कर का बयान रहा था चर्चा में
दरअसल, संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत की रिलीज के बाद अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने फिल्म में जौहर के चित्रण को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने फिल्म और जौहर के प्रसंग पर अपनी असहमति व्यक्त करते हुए बेहद विवादित टिप्पणी की थी। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर काफी बहस हुई थी।
अब कुमार विश्वास के ताजा बयान को उसी व्यापक बहस के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि उन्होंने अपने वक्तव्य में स्वरा भास्कर का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को लेकर चर्चा में पद्मावत और स्वरा भास्कर की पुरानी टिप्पणी का संदर्भ सामने आया है।
कुमार विश्वास का संदेश- फिल्म से ज्यादा जरूरी इतिहास की समझ
कुमार विश्वास के पूरे बयान का मुख्य संदेश यही रहा कि किसी फिल्म, सोशल मीडिया पोस्ट या किसी व्यक्ति की टिप्पणी पर केवल विरोध करने के बजाय समाज को अपनी अगली पीढ़ी तक इतिहास और संस्कृति की जानकारी पहुंचाने पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि बच्चों और युवाओं को देश के इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम, वीरता, बलिदान और ऐतिहासिक स्थलों के बारे में सही जानकारी दी जाएगी, तो किसी के द्वारा की गई टिप्पणी या बनाई गई फिल्म इतिहास की समझ को प्रभावित नहीं कर पाएगी।
कुमार विश्वास का जोर इस बात पर रहा कि इतिहास पर बहस करने से अधिक जरूरी है—अपनी आने वाली पीढ़ी को इतिहास पढ़ाना, समझाना और उससे जोड़ना।
अस्वीकरण: यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।