AI के दौर में ‘नर्ड एस्कॉर्ट्स’ का बढ़ता चलन, टेक प्रोफेशनल्स खर्च कर रहे लाखों रुपये प्रति घंटा!
AI, क्रिप्टो और टेक्नोलॉजी की समझ रखने वाली कंपैनियन की बढ़ी मांग, कुछ मामलों में 5 लाख रुपये से ज्यादा प्रति घंटे तक पहुंची फीस
NTN REPORT//सिलिकॉन वैली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई तेजी से दुनिया में काम करने और लोगों के जीवन जीने के तरीके को बदल रहा है। नई तकनीक जहां काम को आसान और तेज बना रही है, वहीं अब इसका असर इंसानी रिश्तों और साथ की जरूरत पर भी दिखाई देने लगा है। सिलिकॉन वैली में एआई उद्योग के तेजी से विस्तार के बीच एक ऐसा ट्रेंड चर्चा में है, जिसे ‘नर्ड एस्कॉर्ट्स’ के नाम से जाना जा रहा है।

यह सामान्य एस्कॉर्ट सेवाओं से अलग एक ऐसी श्रेणी के रूप में सामने आई है, जिसमें खूबसूरती और सामाजिक व्यक्तित्व के साथ-साथ एआई, तकनीक, क्रिप्टोकरेंसी, विज्ञान, वित्त और स्टार्टअप की समझ को भी खास महत्व दिया जा रहा है।
सिर्फ खूबसूरती नहीं, टेक्नोलॉजी की समझ भी जरूरी
एस्कॉर्ट या कंपैनियन आम तौर पर ऐसे व्यक्ति को कहा जाता है, जो भुगतान के बदले किसी के साथ समय बिताता है। इसमें बातचीत, डिनर, सामाजिक कार्यक्रमों में साथ जाना और अन्य निजी संगति शामिल हो सकती है। कुछ मामलों में वयस्क सेवाएं भी शामिल हो सकती हैं।
लेकिन ‘नर्ड एस्कॉर्ट्स’ के रूप में चर्चा में आई इस नई श्रेणी की खासियत यह बताई जा रही है कि यहां बौद्धिक बातचीत और तकनीकी विषयों की समझ को भी काफी महत्व मिलता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस श्रेणी से जुड़ी कुछ महिलाएं सोशल मीडिया पर एआई, बायोहैकिंग, जीपीयू, लॉन्गेविटी और भविष्य की तकनीक जैसे विषयों पर सक्रिय रहती हैं। कुछ के पास प्रोग्रामिंग, वित्त, विज्ञान या तकनीकी क्षेत्रों में शिक्षा अथवा काम का अनुभव भी बताया गया है।
एक घंटे के लिए लाखों रुपये तक खर्च
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कुछ हाई-एंड एस्कॉर्ट्स की फीस 3,000 से 6,000 डॉलर प्रति घंटे तक पहुंच रही है। भारतीय मुद्रा में यह रकम लगभग 2.6 लाख से 5.2 लाख रुपये प्रति घंटे के आसपास बैठती है।
वहीं, कई दिनों तक साथ रहने की कुछ व्यवस्थाओं में फीस 20,000 से 30,000 डॉलर तक पहुंचने की बात कही गई है। रिपोर्ट में शामिल कुछ महिलाओं के अनुसार, उनकी बुकिंग कई महीने पहले तक हो चुकी है और बढ़ती मांग के कारण वे अपनी फीस में और इजाफा करने पर विचार कर रही हैं।
AI इंजीनियर और स्टार्टअप फाउंडर क्यों दे रहे इतनी रकम?
सिलिकॉन वैली में काम करने वाले इंजीनियर, स्टार्टअप संस्थापक और एआई क्षेत्र से जुड़े प्रोफेशनल्स अक्सर बेहद व्यस्त जीवन जीते हैं। उनके लिए समय सबसे मूल्यवान संसाधनों में से एक है।
ऐसे में कुछ लोगों की मांग ऐसी साथी की ओर बढ़ रही है, जो सिर्फ उनके साथ समय बिताए ही नहीं, बल्कि एआई, क्रिप्टो, विज्ञान, स्टार्टअप और भविष्य की तकनीक जैसे विषयों पर भी बातचीत कर सके।
रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ क्लाइंट्स के लिए मुलाकात का उद्देश्य केवल शारीरिक संबंध नहीं, बल्कि बातचीत, डिनर और अपनी पसंद के विषयों पर घंटों चर्चा करना भी होता है।
AI की बढ़ती संपत्ति ने भी बढ़ाया बाजार
एआई उद्योग में पिछले कुछ वर्षों के दौरान बड़ी कंपनियों और स्टार्टअप्स के तेजी से बढ़ने के साथ इस क्षेत्र में काम करने वाले कई लोगों की संपत्ति में भी वृद्धि हुई है।
ऐसे में कुछ नए धनाढ्य टेक प्रोफेशनल्स अपने पैसे को महंगी वस्तुओं के बजाय अनुभव और निजी समय पर खर्च कर रहे हैं। उनके लिए ऐसा व्यक्ति महत्वपूर्ण हो सकता है, जो उनकी व्यस्त पेशेवर दुनिया को समझ सके और जिसके साथ वे अपनी रुचियों पर खुलकर बातचीत कर सकें।
AI बनाम इंसानी साथ की नई बहस
इस पूरे ट्रेंड का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि एक तरफ एआई चैटबॉट और वर्चुअल कंपैनियन लोगों को डिजिटल बातचीत और साथ बेहद कम कीमत पर उपलब्ध करा रहे हैं। दूसरी तरफ कुछ लोगों के लिए वास्तविक इंसानी साथ और व्यक्तिगत जुड़ाव एक महंगी लग्जरी बनता दिखाई दे रहा है।
यानी जिस दौर में तकनीक इंसानी बातचीत का डिजिटल विकल्प तैयार कर रही है, उसी दौर में कुछ लोगों के लिए वास्तविक व्यक्ति के साथ समय बिताने की कीमत बढ़ती जा रही है।
बदलते रिश्तों और तकनीक की दुनिया की झलक
‘नर्ड एस्कॉर्ट्स’ का यह ट्रेंड केवल एस्कॉर्ट सेवाओं की बदलती मांग की कहानी नहीं है। यह इस बात की ओर भी संकेत करता है कि एआई के दौर में बातचीत, व्यक्तिगत जुड़ाव, साझा रुचियां और इंसानी संगति की कीमत किस तरह बदल रही है।
सिलिकॉन वैली की यह कहानी तकनीक और इंसानी रिश्तों के बीच बन रहे उस नए समीकरण की झलक देती है, जहां भविष्य की तकनीक जितनी तेजी से डिजिटल साथ उपलब्ध करा रही है, उतनी ही तेजी से कुछ लोगों के लिए वास्तविक इंसानी साथ एक विशिष्ट और महंगा अनुभव बनता जा रहा है।
नोट: इस समाचार में दी गई शुल्क संबंधी रकम और ‘नर्ड एस्कॉर्ट्स’ से जुड़ी जानकारी उपलब्ध रिपोर्ट में बताए गए दावों पर आधारित है। अलग-अलग सेवाओं, व्यक्तियों और परिस्थितियों के अनुसार शुल्क में अंतर हो सकता है।
यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।