अमरोहा में तीन सगी बहनों ने एक ही युवक से शादी का वीडियो किया वायरल, मंदिर विवाह के दावे पर विवाद, हिंदू संगठनों में नाराजगी!
NTN REPORT// अमरोहा (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। वीडियो में तीन सगी बहनें एक ही युवक के साथ हिंदू रीति-रिवाज से विवाह करती दिखाई दे रही हैं। दावा किया जा रहा है कि तीनों ने चामुंडा मंदिर में अग्नि को साक्षी मानकर फेरे लिए, युवक ने तीनों की मांग में सिंदूर भरा और तीनों ने उसके पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया। वीडियो वायरल होने के बाद पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय स्तर तक तीखी बहस छिड़ गई है।

धोरिया गांव का बताया जा रहा मामला
जानकारी के अनुसार, यह मामला अमरोहा जिले की हसनपुर विधानसभा क्षेत्र के धोरिया गांव का बताया जा रहा है। तीनों बहनों की पहचान सरोज, सावित्री और संतोष के रूप में हुई है, जो किसान रमेश की बेटियां बताई जा रही हैं। बुधवार को इनका विवाह संबंधी वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया, जिसने देखते ही देखते लाखों लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
रील बनाकर कहा- शादी असली है
वीडियो वायरल होने के बाद इसे महज कंटेंट या मनोरंजन का हिस्सा मानने वाले लोगों की संख्या बढ़ी, लेकिन विवाद के बीच तीनों बहनों और युवक ने एक और वीडियो (रील) जारी कर यह दावा किया कि विवाह वास्तविक है। इसके बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का दौर और तेज हो गया।
वीडियो में बीजेपी चेयरमैन भी आए नजर
वायरल वीडियो को लेकर एक और विवाद तब खड़ा हो गया जब उसमें हसनपुर नगर पालिका के भाजपा चेयरमैन भी दिखाई दिए। वीडियो में उनके अलावा कुछ अन्य महिलाएं भी मौजूद नजर आ रही हैं। इसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने चेयरमैन की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठाने शुरू कर दिए।
मंदिर प्रशासन ने शादी से किया इनकार
दूसरी ओर, जिस चामुंडा मंदिर में विवाह होने का दावा किया जा रहा है, वहां के पुजारियों ने मंदिर परिसर में इस तरह का कोई विवाह संपन्न होने से साफ इनकार किया है। मंदिर प्रशासन के इस बयान के बाद पूरे मामले को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
हिंदू संगठनों में नाराजगी
घटना सामने आने के बाद कई हिंदू संगठनों ने इस पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि यदि धार्मिक स्थल और हिंदू विवाह परंपरा का उपयोग केवल सोशल मीडिया प्रसिद्धि के लिए किया गया है, तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर नाराजगी भी देखने को मिल रही है।
सोशल मीडिया पर मिली बड़ी पहचान
बताया जा रहा है कि तीनों बहनों ने कुछ समय पहले ही इंस्टाग्राम और फेसबुक पर अपने अकाउंट बनाए थे। महज 27 वीडियो अपलोड करने के बाद उनके लाखों फॉलोअर्स हो चुके हैं। इस वायरल घटना के बाद उनकी सोशल मीडिया पहचान और तेजी से बढ़ी है।
परिवार और संबंधित पक्षों की चुप्पी
विवाद बढ़ने के बाद तीनों बहनें और संबंधित युवक फिलहाल मीडिया के सामने आने से बच रहे हैं। वहीं, दोनों परिवारों की ओर से भी अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि विवाह वास्तव में कानूनी और सामाजिक रूप से संपन्न हुआ या यह केवल सोशल मीडिया कंटेंट का हिस्सा था।
जांच और आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
फिलहाल इस पूरे मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। साथ ही विवाह की वैधानिक स्थिति और वायरल वीडियो की सत्यता को लेकर भी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविकता जांच और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है। मामले में संबंधित पक्षों या प्रशासन की आधिकारिक पुष्टि एवं जांच के बाद तथ्य बदल सकते हैं।