Advertisment
Advertisment
भारतराज्य/शहर

राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा बदलाव: चंपत राय का इस्तीफा मंजूर, कृष्ण मोहन बने अंतरिम महासचिव; चढ़ावा चोरी मामले में पारदर्शिता का भरोसा

NTN REPORT// अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी के मामले के बीच सोमवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए। इसके साथ ही भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के सेवानिवृत्त अधिकारी एवं ट्रस्टी कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई। विशेष बात यह है कि चढ़ावा चोरी मामले में एफआईआर भी कृष्ण मोहन ने ही दर्ज कराई थी। वहीं, ट्रस्ट के विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव उर्फ गोपाल नागरकटे को भी ट्रस्ट से हटा दिया गया।

फाइल फोटो

नए महासचिव के चयन के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित

ट्रस्ट ने स्थायी महासचिव के चयन की प्रक्रिया शुरू करते हुए तीन सदस्यीय चयन समिति के गठन की घोषणा की है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने बताया कि समिति में सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रदीप कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और शिरडी साईं बाबा ट्रस्ट के पूर्व प्रशासक सुरेश हवारे शामिल होंगे। यह समिति संभावित उम्मीदवारों का साक्षात्कार लेकर अपनी अनुशंसा ट्रस्ट को सौंपेगी, जिसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

ट्रस्ट का दावा- कोई भी कीमती चढ़ावा गायब नहीं

बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में ट्रस्ट ने चढ़ावे और बहुमूल्य उपहारों के गायब होने के आरोपों को सिरे से खारिज किया। स्वामी गोविंद देव गिरी ने कहा कि दान में प्राप्त सभी वस्तुएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनका विस्तृत रिकॉर्ड ट्रस्ट के रजिस्टर में दर्ज है।

उन्होंने बताया कि ट्रस्ट के पास 2,800 से अधिक वस्तुओं का रिकॉर्ड उपलब्ध है। मीडिया में जिन पांच वस्तुओं को लेकर विवाद हुआ, वे केवल नमूने के रूप में सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की गई थीं। ट्रस्ट ने उन वस्तुओं को भी मीडिया के सामने रखा, जिनके चोरी होने का दावा किया जा रहा था। इनमें गोल्ड प्लेटेड रामचरितमानस, चांदी की खड़ाऊ और चांदी के काकभुशुण्डि शामिल हैं।

व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने की तैयारी

ट्रस्ट ने बताया कि भविष्य में व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए एक छोटी प्रशासनिक समिति बनाई गई है, जो आवश्यक नियुक्तियां और निगरानी का कार्य करेगी। स्वामी गोविंद देव गिरी ने कहा कि चढ़ावा चोरी का मामला अत्यंत गंभीर है और इसकी जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है। उन्होंने दोषियों और उनके सहयोगियों की शीघ्र गिरफ्तारी तथा कड़ी सजा की मांग की।

उन्होंने इस मामले में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि निगरानी व्यवस्था में कमी के कारण यह स्थिति बनी। उनका मानना है कि इस मामले में शिकायत ट्रस्ट के बजाय एसबीआई की ओर से दर्ज कराई जानी चाहिए थी।

ट्रस्ट ने साझा किए वित्तीय आंकड़े

प्रेस वार्ता के दौरान ट्रस्ट ने अपने वित्तीय आंकड़े भी सार्वजनिक किए। ट्रस्ट के अनुसार अब तक चंदा अभियान और कॉर्पस डोनेशन के माध्यम से 3,264 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। इनमें से 2,370 करोड़ रुपये मंदिर निर्माण और उससे संबंधित कार्यों पर खर्च किए जा चुके हैं।

इसके अलावा 31 मार्च 2026 तक चढ़ावे के रूप में 582 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जिनमें से 391 करोड़ रुपये संचालन संबंधी कार्यों पर खर्च किए गए, जबकि शेष राशि बैंक खातों में सुरक्षित रखी गई है।

ट्रस्ट ने यह भी बताया कि श्रद्धालुओं द्वारा दान में दी गई 2,926 प्रकार की भौतिक वस्तुओं का विधिवत रिकॉर्ड रखा गया है। इन सभी वस्तुओं का हर वर्ष स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंसी फर्म द्वारा भौतिक सत्यापन कराया जाता है। श्रद्धालु पूर्व अनुमति लेकर अयोध्या में इन अभिलेखों का निरीक्षण भी कर सकते हैं।

कौन हैं नए अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन

अंतरिम महासचिव बनाए गए कृष्ण मोहन उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के शाहाबाद क्षेत्र स्थित चंद्रपुर गांव के निवासी हैं। वे भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं और महाराष्ट्र कैडर में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की तथा भारतीय वन सेवा में चयन से पहले परमाणु ऊर्जा विभाग में भी कार्य किया। वर्ष 2012 में सेवानिवृत्त होने के बाद वे समाजसेवा से जुड़े रहे। सितंबर 2025 में कामेश्वर चौपाल के निधन के बाद रिक्त हुई ट्रस्टी की सीट पर उन्हें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का सदस्य बनाया गया था। उनके चयन से ट्रस्ट में दलित समाज का प्रतिनिधित्व भी बना रहेगा।

कृष्ण मोहन बोले- कमियां दूर करना पहली प्राथमिकता

नई जिम्मेदारी संभालने के बाद कृष्ण मोहन ने कहा कि चढ़ावा चोरी की घटना से ट्रस्ट और करोड़ों रामभक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि प्रबंधन की कुछ कमियों का फायदा उठाया गया और अब उन सभी कमियों को दूर करना उनकी प्राथमिकता होगी।

उन्होंने कहा कि दोषियों को कड़ी सजा दिलाने, ट्रस्ट की व्यवस्थाओं को अधिक मजबूत और पारदर्शी बनाने तथा ट्रस्ट की विश्वसनीयता को पुनः स्थापित करने के लिए सभी न्यासी मिलकर कार्य करेंगे।

22 जुलाई को होगी अगली अहम बैठक

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को आयोजित होगी। इस बैठक में एसआईटी की जांच रिपोर्ट पर चर्चा के साथ नए ट्रस्टी, पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्तियों पर निर्णय लिया जाएगा। ऐसे में अब सभी की निगाहें एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट और ट्रस्ट के अगले फैसलों पर टिकी हुई हैं।

(यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।)

Nilesh Tiwari

Editor- NTN Report 📱+91 93298 23355 📧 tnilesh2711@gmail.com
Back to top button
error: Content is protected !!