
बीज निगम का स्पष्टीकरण: जांच में मानक स्तर का पाया गया धान बीज, घटिया बीज आपूर्ति के आरोपों को बताया भ्रामक
NTN REPORT// खोखसा (जांजगीर-चांपा), 5 जुलाई 2026। किसानों को घटिया बीज की सप्लाई के मुद्दे में छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड, बीज प्रक्रिया केंद्र खोखसा ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपना पक्ष रखा है। निगम का कहना है कि संबंधित धान बीज की आपूर्ति निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप की गई थी तथा राज्य स्तरीय एवं जिला स्तरीय जांच दल की जांच में भी बीज मानक स्तर का पाया गया।
प्रकाशित समाचार के बाद गठित हुई जांच टीम
बीज निगम के अनुसार, घटिया बीज सप्लाई मुद्दे के सामने आने के बाद प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम रायपुर के निर्देश पर 3 जुलाई 2026 को राज्य स्तरीय एवं जिला स्तरीय बीज गुणवत्ता नियंत्रण जांच दल (कृषि विभाग) तथा कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों द्वारा मामले की जांच की गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर निगम ने अपना विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया।
किसान को दो बोरी ‘स्वर्णा सब-1’ धान बीज उपलब्ध कराया गया था
जानकारी के अनुसार, किसान रामाधार देवांगन को बीज निगम द्वारा धान की स्वर्णा सब-1 किस्म (बैच क्रमांक NOV25-34-010-7) की दो बोरियां उपलब्ध कराई गई थीं।
निगम का कहना है कि किसानों को वितरण से पहले उक्त बीज का परीक्षण बीज प्रमाणीकरण संस्था रायपुर तथा उप संचालक कृषि, जिला जांजगीर-चांपा के माध्यम से कराया गया था। परीक्षण रिपोर्ट में बीज गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाए जाने के बाद ही संबंधित समिति एवं किसानों को उसका वितरण किया गया। प्रेस विज्ञप्ति के साथ परीक्षण रिपोर्ट की प्रति भी संलग्न होने का उल्लेख किया गया है।
समाचार में दिखाई गई पहली बोरी की मौके पर हुई जांच
बीज निगम के अनुसार, समाचार प्रकाशित होने के बाद जांच दल ने किसान रामाधार देवांगन से संपर्क कर उनके समक्ष पहली बोरी का भौतिक निरीक्षण किया। जांच के दौरान बीज में मौजूद कर्रा (अन्य पदार्थ) की मात्रा का परीक्षण एवं दृश्य मूल्यांकन किया गया।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि समाचार में जिस आधार पर कर्रा की संख्या दर्शाई गई थी, जांच के दौरान वह प्रमाणीकरण मानकों के अनुरूप न्यूनतम स्तर पर पाई गई। जांच दल ने बीज को गुणवत्ता मानकों के अनुसार बताया।
दूसरी सीलबंद बोरी भी मौके पर खोली गई
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जांच दल ने किसान की उपस्थिति में दूसरी सीलबंद बोरी भी खुलवाकर उसका परीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दूसरी बोरी का बीज भी पूरी तरह सही पाया गया। जांच दल एवं कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने किसान को बीज के गुणवत्ता मानकों तथा उपलब्ध परीक्षण रिपोर्ट की जानकारी भी दी।
किसान ने गुणवत्ता पर संतोष जताने का दावा
बीज निगम ने अपनी विज्ञप्ति में दावा किया है कि निरीक्षण के बाद किसान ने कर्रा की संख्या मानक स्तर पर होने के कारण बीज की गुणवत्ता एवं बोरे के वजन पर संतोष व्यक्त किया। साथ ही भविष्य में भी उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने की अपेक्षा व्यक्त की। निगम के अनुसार, यह बयान संबंधित अधिकारियों एवं उपस्थित लोगों के समक्ष दिया गया, जिसकी प्रति भी प्रेस विज्ञप्ति के साथ संलग्न की गई है।
बीज निगम का पक्ष
जांच में संबंधित धान बीज गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाया गया। निगम का कहना है कि किसानों को वितरित किए जाने वाले सभी बीजों की निर्धारित प्रक्रिया के तहत परीक्षण कराया जाता है और मानक स्तर की पुष्टि होने के बाद ही उनका वितरण किया जाता है।
यह समाचार छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड, बीज प्रक्रिया केंद्र खोखसा द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।