यूपी चुनाव 2027 की तैयारी में आजाद समाज पार्टी, चंद्रशेखर आजाद खुद करेंगे उम्मीदवारों का चयन
NTN REPORT// उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी प्रमुख और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया को लेकर बड़ा कदम उठाया है। चंद्रशेखर आजाद अब खुद विधानसभा चुनाव के टिकट के दावेदारों का इंटरव्यू ले रहे हैं। इसके लिए वह 18 जून तक लखनऊ में रहेंगे और अलग-अलग मंडलों से आए संभावित प्रत्याशियों से मुलाकात करेंगे।

माना जा रहा है कि आजाद समाज पार्टी उत्तर प्रदेश में 300 से 400 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। पार्टी नेतृत्व उम्मीदवारों के चयन में स्थानीय पकड़, संगठन की मजबूती और जमीनी काम को सबसे ज्यादा महत्व देने की रणनीति पर काम कर रहा है।
मंडलवार और जोनवार हो रहे उम्मीदवारों के इंटरव्यू
आजाद समाज पार्टी की योजना के अनुसार लखनऊ में विधानसभा चुनाव के संभावित उम्मीदवारों के इंटरव्यू मंडलवार और जोनवार तरीके से आयोजित किए जा रहे हैं। पार्टी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद खुद दावेदारों से बातचीत कर उनके क्षेत्र में प्रभाव, जनता के बीच पकड़ और संगठनात्मक क्षमता को समझ रहे हैं।
पार्टी के अनुसार उम्मीदवारों के चयन में केवल दावेदारी नहीं, बल्कि क्षेत्रीय स्तर पर किए गए काम और पार्टी संगठन की रिपोर्ट को भी आधार बनाया जाएगा।
आजाद समाज पार्टी उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व विधायक सुनील कुमार चित्तौड़ ने इस कार्यक्रम की जानकारी साझा की है।
इन मंडलों के दावेदारों से होगी बातचीत
जारी कार्यक्रम के मुताबिक 13 जून को सहारनपुर, मेरठ और मुरादाबाद मंडल के संभावित उम्मीदवारों के इंटरव्यू किए गए।
वहीं 14 जून को बरेली, आगरा, अलीगढ़, कानपुर, चित्रकूट और झांसी मंडल के दावेदार लखनऊ पहुंचेंगे।
15 जून को लखनऊ, अयोध्या, देवीपाटन, गोरखपुर, बस्ती और आजमगढ़ मंडल के संभावित प्रत्याशियों का इंटरव्यू होगा।
इसके बाद 16 जून को वाराणसी, मिर्जापुर और प्रयागराज मंडल के दावेदारों से पार्टी नेतृत्व बातचीत करेगा।
पदाधिकारियों को देनी होगी उम्मीदवारों की रिपोर्ट
पार्टी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह इंटरव्यू के दौरान उम्मीदवारों से जुड़ी लिखित रिपोर्ट के साथ मौजूद रहें।
इसमें जोन प्रभारी, मुख्य मंडल प्रभारी, भाईचारा कमेटी प्रभारी और जिला अध्यक्ष शामिल होंगे। इन रिपोर्टों के आधार पर पार्टी नेतृत्व यह आकलन करेगा कि कौन सा उम्मीदवार अपने क्षेत्र में कितना मजबूत है और चुनावी मुकाबले के लिए कितना सक्षम है।
अकेले चुनाव लड़ने की रणनीति पर फोकस
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में आजाद समाज पार्टी का इस तरह उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया को सीधे पार्टी प्रमुख की निगरानी में करना आगामी चुनाव को लेकर उसकी गंभीर रणनीति को दिखाता है।
300 से 400 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी के संकेतों के बीच पार्टी संगठन को मजबूत करने और मजबूत चेहरों को मैदान में उतारने पर जोर दे रही है।
डिस्क्लेमर: यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।