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विदेश

थाईलैंड के शाही परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़: राजा महा वजिरालोंगकोर्न की बेटी राजकुमारी बज्रकीतियाभा का निधन

NTN REPORT// थाईलैंड के शाही परिवार से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। राजा महा वजिरालोंगकोर्न की सबसे बड़ी बेटी और देश की लोकप्रिय राजकुमारी बज्रकीतियाभा नरेंद्र देब्यावती का 47 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। शाही घराने की ओर से 12 जून 2026, शुक्रवार को आधिकारिक बयान जारी कर उनके निधन की पुष्टि की गई।

सोर्स, सोशल मीडिया

रॉयल हाउसहोल्ड ब्यूरो के अनुसार, राजकुमारी ने 11 जून की शाम बैंकॉक के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। वह दिसंबर 2022 से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं और लंबे समय से कोमा की स्थिति में लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर थीं। इसी वजह से उन्हें कई लोग ‘स्लीपिंग प्रिंसेस’ के नाम से भी जानने लगे थे।

कुत्तों की ट्रेनिंग के दौरान हुई थी अचानक तबीयत खराब

राजकुमारी बज्रकीतियाभा, जिन्हें प्यार से ‘प्रिंसेस भा’ कहा जाता था, दिसंबर 2022 में उस समय अचानक बेहोश हो गई थीं, जब वह अपने कुत्तों को ट्रेनिंग दे रही थीं।

शुरुआत में शाही महल की ओर से बताया गया था कि वह मायकोप्लाज्मा संक्रमण से पीड़ित थीं। यह एक प्रकार का बैक्टीरियल इंफेक्शन होता है। हालांकि, बाद में जारी आधिकारिक जानकारी में बताया गया कि राजकुमारी पेट के संक्रमण से भी जूझ रही थीं और समय के साथ उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई।

डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी किडनी और फेफड़ों ने काम करना बंद कर दिया, जिसके बाद उनका निधन हो गया।

थाईलैंड में 15 दिन का आधिकारिक शोक घोषित

राजकुमारी के निधन के बाद थाईलैंड सरकार ने देशभर में 15 दिनों के आधिकारिक शोक की घोषणा की है। सरकारी भवनों और स्कूलों में राष्ट्रीय ध्वज को आधा झुकाकर फहराने का निर्देश दिया गया है।

विशेष कैबिनेट बैठक के बाद सरकारी प्रवक्ता ने इसकी जानकारी दी। प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल ने कैबिनेट मंत्रियों के साथ राजकुमारी को श्रद्धांजलि दी और उनके देश के प्रति योगदान को याद करते हुए एक मिनट का मौन रखा।

ग्रैंड पैलेस में होगी अंतिम विदाई

शाही बयान के अनुसार, राजकुमारी बज्रकीतियाभा के पार्थिव शरीर को बैंकॉक के ग्रैंड पैलेस में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। उनका अंतिम संस्कार शाही परंपराओं और राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।

शिक्षा और कूटनीति के क्षेत्र में बनाई अलग पहचान

राजकुमारी बज्रकीतियाभा सिर्फ शाही परिवार की सदस्य नहीं थीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर थाईलैंड का एक शिक्षित और प्रभावशाली चेहरा भी थीं।

उन्होंने थाईलैंड, ब्रिटेन और अमेरिका में शिक्षा हासिल की। उन्होंने अमेरिका की प्रतिष्ठित कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से डिग्री प्राप्त की थी। इसके अलावा उन्होंने थाईलैंड की ओर से ऑस्ट्रिया में राजदूत के रूप में भी सेवाएं दीं।

संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर उन्होंने महिला कैदियों के अधिकारों और उनकी स्थिति सुधारने के लिए लंबे समय तक काम किया।

2012 में कॉर्नेल यूनिवर्सिटी के दौरे के दौरान उन्होंने अपने बारे में कहा था कि वह खुद को केवल एक भूमिका तक सीमित नहीं मानतीं। उन्होंने कहा था कि वह अभियोजक, क्रिमिनल लॉयर और राजनयिक — इन सभी भूमिकाओं का मिश्रण हैं।

राजा की सबसे बड़ी बेटी थीं राजकुमारी

राजकुमारी बज्रकीतियाभा राजा महा वजिरालोंगकोर्न और उनकी पहली पत्नी राजकुमारी सोम्सावली की इकलौती संतान थीं।

राजा वजिरालोंगकोर्न के चार विवाहों से कुल सात बच्चे हैं। हालांकि, अब तक उन्होंने अपने आधिकारिक उत्तराधिकारी की घोषणा नहीं की है। थाईलैंड के शाही उत्तराधिकार नियमों में पुरुष उत्तराधिकारियों को अधिक प्राथमिकता दी जाती रही है।

राजकुमारी को अस्पताल में भर्ती होने से करीब एक साल पहले उनके पिता के बॉडीगार्ड कमांड में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई थी, जिससे यह भी संकेत मिलता था कि वह राजा के बेहद करीब थीं।

थाईलैंड में राजकुमारी बज्रकीतियाभा को उनकी शिक्षा, सामाजिक कार्यों और राजनयिक भूमिका के लिए लंबे समय तक याद किया जाएगा।

डिस्क्लेमर: यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

Nilesh Tiwari

Editor- NTN Report 📱+91 93298 23355 📧 tnilesh2711@gmail.com
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