सुप्रीम कोर्ट में पांच नए जजों की नियुक्ति को राष्ट्रपति की मंजूरी, मंगलवार को लेंगे शपथ
NTN REPORT// नई दिल्ली। भारत के न्यायिक तंत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सुप्रीम कोर्ट में पांच नए न्यायाधीशों की नियुक्ति को मंजूरी प्रदान कर दी है। राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद नियुक्ति का वारंट (परवाना) जारी कर दिया गया है और सभी नव-नियुक्त न्यायाधीश मंगलवार को पद एवं गोपनीयता की शपथ ग्रहण करेंगे।

इन नियुक्तियों के साथ ही सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या लगभग पूर्ण क्षमता के करीब पहुंच जाएगी। हालांकि इसी महीने दो वरिष्ठ न्यायाधीशों के सेवानिवृत्त होने के कारण फिर से रिक्तियां उत्पन्न हो जाएंगी।
कॉलेजियम की सिफारिश पर लगी मुहर
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने हाल ही में चार उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों और एक वरिष्ठ अधिवक्ता को सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की थी। कॉलेजियम की इस अनुशंसा पर राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 124(2) के तहत अपनी स्वीकृति प्रदान की।
सुप्रीम कोर्ट के लिए नियुक्त किए गए पांच नए न्यायाधीश
राष्ट्रपति द्वारा जिन पांच नामों को मंजूरी दी गई है, उनमें शामिल हैं—
- जस्टिस शील नागू (पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश)
- जस्टिस चंद्रशेखर (बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश)
- जस्टिस संजीव सचदेवा (मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश)
- जस्टिस अरुण पल्ली (जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश)
- वी. मोहना (सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता)
इन पांचों के शपथ ग्रहण के बाद सुप्रीम कोर्ट की न्यायिक क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी।
सुप्रीम कोर्ट की स्वीकृत संख्या और रिक्तियां
सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत कुल संख्या 38 है। पांच नए न्यायाधीशों के शामिल होने के बाद न्यायालय में केवल एक पद रिक्त रहेगा। हालांकि यह स्थिति लंबे समय तक नहीं रहेगी, क्योंकि इसी माह दो वर्तमान न्यायाधीश सेवानिवृत्त होने वाले हैं।
जून में दो न्यायाधीश होंगे सेवानिवृत्त
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जे .के. माहेश्वरी 16 जून को तथा न्यायाधीश पंकज मित्तल 28 जून को सेवानिवृत्त होंगे। इनके सेवानिवृत्त होने के बाद सर्वोच्च न्यायालय में तीन पद रिक्त हो जाएंगे, जिन पर भविष्य में नई नियुक्तियों की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
कानून मंत्री ने दी जानकारी
केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर राष्ट्रपति की मंजूरी की जानकारी साझा की। उन्होंने नव-नियुक्त न्यायाधीशों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी नियुक्ति देश की न्याय व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
न्यायपालिका में बढ़ेगा अनुभव और प्रतिनिधित्व
विशेषज्ञों का मानना है कि विभिन्न उच्च न्यायालयों से आए अनुभवी मुख्य न्यायाधीशों और वरिष्ठ अधिवक्ता वी. मोहना की नियुक्ति से सुप्रीम कोर्ट को विविध न्यायिक अनुभव का लाभ मिलेगा। इससे लंबित मामलों के निपटारे में भी सहायता मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।