
एसीबी की बड़ी कार्रवाई: रायगढ़ जिले के तहसील कार्यालय छाल का बाबू 60 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
NTN REPORT// रायगढ़। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने रिश्वतखोरी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए रायगढ़ जिले के तहसील कार्यालय छाल में पदस्थ एक बाबू को 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई नाम सुधार संबंधी प्रकरण में रिश्वत मांगने की शिकायत के आधार पर की गई।
जमीन रिकॉर्ड में नाम सुधार के एवज में मांगी थी रिश्वत
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम धरसका मुड़ा, जिला रायगढ़ निवासी भानुप्रताप पटेल ने एंटी करप्शन ब्यूरो, बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि उनकी परिचित महिला कंचन बाई की जमीन के रिकॉर्ड में नाम गलत दर्ज हो गया था। भूमि अभिलेख में कंचन बाई के नाम के स्थान पर “कचरा” अंकित हो गया था, जिसके कारण जमीन क्रय-विक्रय की प्रक्रिया प्रभावित हो रही थी।
नाम सुधार कराने के लिए कंचन बाई द्वारा भानुप्रताप पटेल को अधिकृत किया गया था। इसके बाद उन्होंने तहसील कार्यालय छाल में नाम सुधार हेतु आवेदन प्रस्तुत किया। आरोप है कि नाम सुधार का आदेश जारी करने के बदले तहसील कार्यालय छाल में बाबू के रूप में कार्यरत तुलाराम पटेल ने एक लाख रुपये रिश्वत की मांग की।
शिकायत सत्यापन के बाद बिछाया गया जाल
शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था और आरोपी को रंगे हाथ पकड़वाना चाहता था। एसीबी द्वारा शिकायत का सत्यापन किया गया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद 29 मई 2026 को ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई।
कार्रवाई के दौरान आरोपी तुलाराम पटेल को शिकायतकर्ता से रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 60 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी का मूल पद सहायक शिक्षक
जांच में सामने आया है कि आरोपी तुलाराम पटेल का मूल पद सहायक शिक्षक है। वर्तमान में वह तहसील कार्यालय छाल में बाबू के रूप में अटैच था और वहीं कार्यरत था।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई
एसीबी ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मामले में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
रिश्वतखोरी के खिलाफ एसीबी की सख्त कार्रवाई
एसीबी की इस कार्रवाई को सरकारी कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। विभाग का कहना है कि रिश्वत मांगने या लेने वाले लोकसेवकों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।