
NTN REPORT रायपुर, 16 मई 2026। बाल अपराध की रोकथाम और विधि से संघर्षरत बालकों के पुनर्वास के उद्देश्य से रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने “नवोदय – नई सुबह की ओर” कार्यक्रम की शुरुआत की है। यह पहल बच्चों को अपराध की दुनिया से दूर कर सकारात्मक दिशा देने तथा उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई है। कार्यक्रम का संचालन रायपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा Council for Social Justice (CSJ) एवं UNICEF के सहयोग से किया जाएगा।

बच्चों के मानसिक, सामाजिक और पारिवारिक सुधार पर रहेगा विशेष फोकस
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ऐसे बच्चों की पहचान करना है, जो पूर्व में किसी न किसी आपराधिक गतिविधि में संलिप्त पाए गए हैं अथवा विधि से संघर्षरत बालक की श्रेणी में आते हैं। पुलिस प्रशासन इन बच्चों के मानसिक, सामाजिक और पारिवारिक परिवेश में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करेगा, ताकि वे दोबारा अपराध की ओर न बढ़ें।
“डाइवर्जन प्रोग्राम” के तहत होगा अध्ययन और काउंसलिंग
कार्यक्रम के प्रथम चरण में “डाइवर्जन प्रोग्राम” संचालित किया जाएगा। इसके अंतर्गत बच्चों की पारिवारिक स्थिति, रहन-सहन, सामाजिक परिस्थितियों और मानसिक अवस्था का अध्ययन किया जाएगा। इसके आधार पर उन्हें आवश्यक सहयोग, मार्गदर्शन और परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा।
बाल कल्याण अधिकारियों एवं किशोर न्याय बोर्ड के माध्यम से बच्चों को विधिक संरक्षण और आवश्यक सहायता भी प्रदान की जाएगी। पुलिस का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं बल्कि बच्चों को सुधार और पुनर्वास का अवसर देना है।
08 विभागों के समन्वय से मिलेगा योजनाओं का लाभ
“नवोदय – नई सुबह की ओर” कार्यक्रम के अंतर्गत जिला प्रशासन सहित कुल 08 विभागों को जोड़ा गया है। इनमें शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, श्रम विभाग, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड और अन्य सहयोगी संस्थाएं शामिल हैं।
इन विभागों के समन्वय से बच्चों एवं उनके परिवारों को विभिन्न शासकीय योजनाओं और कल्याणकारी सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि आर्थिक, सामाजिक और मानसिक रूप से उन्हें मजबूत बनाया जा सके।
वॉलिंटियर्स निभाएंगे अहम भूमिका
Council for Social Justice एवं UNICEF के वॉलिंटियर्स कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। ये वॉलिंटियर्स बच्चों और उनके परिवारों को आवश्यक परामर्श देंगे तथा उन्हें विभिन्न विभागों की योजनाओं से जोड़ने का कार्य करेंगे।
आगामी चरणों में मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञ भी होंगे शामिल
कार्यक्रम के अगले चरण में मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञों को भी जोड़ा जाएगा। इनके माध्यम से बार-बार छोटे अपराधों में संलिप्त पाए जाने वाले बच्चों की नियमित काउंसलिंग की जाएगी। साथ ही बच्चों के अभिभावकों की भी नियमित काउंसलिंग कर अपराध प्रवृत्ति को समाप्त करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
इन थाना क्षेत्रों से होगी शुरुआत
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा अभियान के प्रारंभिक चरण में तेलीबांधा, गंज, खमतराई, टिकरापारा और डीडी नगर थाना क्षेत्रों का चयन किया गया है। इन क्षेत्रों में रहने वाले तथा आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए गए बालकों की सूची तैयार कर उनके सुधार और पुनर्वास के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।
कार्यक्रम शुभारंभ में ये अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त मुख्यालय डॉ. अर्चना झा, सहायक पुलिस आयुक्त CAW रुचि वर्मा, सहायक पुलिस आयुक्त मुख्यालय नंदिनी ठाकुर, UNICEF की स्टेट कॉर्डिनेटर चेतना देसाई, Council for Social Justice से राम वर्मा, रमेश, पुरुषोत्तम, संबंधित थाना प्रभारी, बाल कल्याण अधिकारी एवं वॉलिंटियर्स उपस्थित रहे।
रायपुर पुलिस की अपील
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने आम नागरिकों और अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को सकारात्मक वातावरण प्रदान करें, उनकी गतिविधियों पर सतत निगरानी रखें तथा किसी भी असामाजिक या आपराधिक गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। पुलिस ने कहा कि बच्चों के सुरक्षित और बेहतर भविष्य के लिए परिवार और समाज की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है।