
सामाजिक लोगो निर्माण पहल पर पत्रकार राजेंद्र राठौर और शिक्षक हेमंत राठौर का सम्मान
धाराशिव में स्वाभिमानी क्षत्रिय राठौर समाज की विचार गोष्ठी, एकता और संगठन पर जोर
जांजगीर-चांपा, 20 अप्रैल। ग्राम धाराशिव में 19 अप्रैल को छत्तीसगढ़ स्वाभिमानी क्षत्रिय राठौर समाज की विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान समाज के लिए सामाजिक लोगो (मोनो) निर्माण की पहल को लेकर विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में दैनिक नवीन कदम के स्थानीय संपादक राजेंद्र राठौर (जांजगीर) और उनके सहयोगी उच्च वर्ग शिक्षक हेमंत कुमार राठौर (खोखरा) का समाजजनों द्वारा अभिनंदन किया गया।
समाज की पहचान और एकता का प्रतीक होगा सामाजिक लोगो
कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठजनों ने कहा कि सामाजिक लोगो (मोनो) किसी भी समाज की पहचान, एकता और संगठन को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम होता है। यह प्रतीक समाज के गौरव, इतिहास और मूल्यों को दर्शाता है। वक्ताओं ने दोनों सम्मानित व्यक्तियों की पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रयास समाज को एक सूत्र में पिरोने की दिशा में सराहनीय कदम है।
युवाओं को सामाजिक एकता का संदेश
कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजनों ने युवाओं को प्रेरणादायक संदेश देते हुए सामाजिक एकता को मजबूत करने और कुरीतियों को दूर करने के लिए संगठित होकर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज के विकास और जागरूकता के लिए नियमित रूप से विचार गोष्ठियों का आयोजन आवश्यक है।
प्रमुख अतिथियों की उपस्थिति
इस अवसर पर बद्री प्रसाद राठौर, प्यारेलाल राठौर, मनहरणलाल राठौर, देव सिंह राठौर (कोरबा), दामोदर राठौर (छिंदपुर), लखनलाल राठौर (कोरबी) सहित अनेक वरिष्ठजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में ग्राम धाराशिव की सरपंच कल्याणी राठौर, महारथी राठौर, अमृत लाल राठौर (सिऊंड), कृष्ण चंद्र राठौर (जांजगीर), रघुबर सिंह राठौर (जांजगीर), दिनेश राठौर, राजू प्रसाद राठौर, रामप्रसाद राठौर, चिंताराम राठौर, योगेश राठौर, दिग्विजय सिंह राठौर, गौतम राठौर, बाबूलाल राठौर, ओमकार राठौर, नेतराम राठौर, समयलाल राठौर, प्रदीप राठौर, राघवेंद्र राठौर, राजकुमार राठौर (तेंदूभाटा), चित्रभान राठौर, रामसागर राठौर, दिनेश राठौर (धनेली) सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन संतोष राठौर (जांजगीर) द्वारा किया गया।
धाराशिव की सामाजिक सक्रियता की सराहना
वरिष्ठजनों ने ग्राम धाराशिव की सामाजिक सक्रियता की प्रशंसा करते हुए इसे तीर्थस्थल जैसी गरिमा वाला स्थान बताया। बैठक में समाज के विकास और जागरूकता के लिए विभिन्न परिमंडलों में इसी प्रकार की विचार गोष्ठियां आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों और समाजजनों के प्रति आभार व्यक्त किया।