वेदांता पावर प्लांट में भीषण बायलर विस्फोट: 20 श्रमिकों की मौत, 15 घायल, जिम्मेदार अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज, एसपी के निर्देश पर विशेष जांच टीम गठित
NTN NEWS REPORT// सक्ति, 16 अप्रैल 2026। जिला सक्ती के थाना डभरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल 2026 को दोपहर 2:33 बजे बायलर–01 में भीषण विस्फोट हो गया। हादसे में 20 श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि 15 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटना के बाद प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची मौके पर
घटना की जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश पटेल पुलिस टीम के साथ तत्काल घटनास्थल पहुंचे और प्रारंभिक जांच शुरू की। राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाया गया। घायलों को तत्काल रायगढ़ जिले के विभिन्न अस्पतालों—मेडिकल कॉलेज अस्पताल, अपेक्स अस्पताल, मेट्रो अस्पताल सहित अन्य उपचार केंद्रों—में भर्ती कराया गया।
इलाज के दौरान 20 श्रमिकों की मृत्यु की पुष्टि हुई है। 15 घायलों का उपचार जारी है। जिला प्रशासन द्वारा मृतकों और घायलों के परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
तकनीकी रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
बायलर मुख्य निरीक्षक द्वारा प्रस्तुत प्रारंभिक तकनीकी रिपोर्ट में सामने आया है कि बायलर फर्नेस के भीतर अत्यधिक मात्रा में ईंधन जमा हो गया था। इससे असामान्य दबाव उत्पन्न हुआ और तेज विस्फोट हुआ।
विस्फोट के दौरान उत्पन्न दबाव के कारण बायलर का निचला पाइप अपनी निर्धारित स्थिति से हट गया, जिससे यह भयावह दुर्घटना घटी।
एफएसएल सक्ती की रिपोर्ट में भी अत्यधिक ईंधन संचय और अतिरिक्त दबाव को विस्फोट की मुख्य वजह बताया गया है।
रख-रखाव में लापरवाही के संकेत
जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि वेदांता कंपनी और एनजीएसएल द्वारा मशीनरी एवं उपकरणों के रख-रखाव और संचालन संबंधी मानकों का समुचित पालन नहीं किया गया।
उपकरणों की निगरानी में कमी और संचालन में उपेक्षा के कारण बायलर के दबाव में अचानक उतार-चढ़ाव आया, जिसके परिणामस्वरूप यह बड़ा हादसा हुआ। उपलब्ध साक्ष्यों और तकनीकी रिपोर्टों के आधार पर प्रथम दृष्टया लापरवाही परिलक्षित हुई है।
कंपनी निदेशक समेत अन्य पर मामला दर्ज
पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर (भा.पु.से.) के निर्देश पर थाना डभरा में अपराध क्रमांक 119/2026 दर्ज किया गया है।
वेदांता कंपनी के निदेशक अनिल अग्रवाल, कंपनी प्रबंधक देवेन्द्र पटेल सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 106(1), 289 और 3(5) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है।
विशेष जांच टीम गठित
प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई है। टीम में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सुमित गुप्ता, फोरेंसिक अधिकारी सृष्टि सिंह तथा थाना प्रभारी डभरा राजेश पटेल शामिल हैं।
पुलिस विभाग तकनीकी विशेषज्ञों के साथ समन्वय कर विस्तृत विवेचना कर रहा है और दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही गई है। (यह समाचार आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति एवं प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर तैयार किया गया है। जांच पूर्ण होने के बाद तथ्यों में परिवर्तन संभव है।)