
2026 की अक्षय तृतीया पर चंद्रमा का उच्च गोचर, इन 3 राशियों की खुल सकती है किस्मत
NTN NEWS REPORT// नई दिल्ली। साल 2026 की अक्षय तृतीया ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास मानी जा रही है। इस पावन अवसर पर 19 अप्रैल को दोपहर 12:32 बजे चंद्रमा वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे। वृषभ चंद्रमा की उच्च राशि मानी जाती है, ऐसे में यह गोचर विशेष फलदायी माना जा रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, चंद्रमा का यह उच्च स्थिति में आना कई राशियों के लिए सकारात्मक ऊर्जा और नए अवसर लेकर आ सकता है।
चंद्रमा के उच्च गोचर का महत्व
ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन, भावनाओं और मानसिक संतुलन का कारक ग्रह माना जाता है। जब चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में होते हैं, तो उनकी शुभता कई गुना बढ़ जाती है। अक्षय तृतीया जैसे अबूझ मुहूर्त के दिन यह गोचर होना आर्थिक, पारिवारिक और सामाजिक दृष्टि से विशेष शुभ संकेत दे रहा है।
इन 3 राशियों के लिए विशेष लाभ के संकेत
1. वृषभ राशि
चंद्रमा आपकी ही राशि के लग्न भाव में गोचर करेंगे। इससे व्यक्तित्व में निखार आएगा और आत्मविश्वास बढ़ेगा। समाज में मान-सम्मान में वृद्धि होगी। लंबे समय से अटका हुआ धन वापस मिलने के योग बन सकते हैं। व्यापार में नई संभावनाएं खुलेंगी।
2. कर्क राशि
कर्क राशि के स्वामी स्वयं चंद्रमा हैं और उनका उच्च का होना इस राशि के लिए वरदान समान है। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। मानसिक शांति और पारिवारिक सुख में वृद्धि होगी। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है।
3. कन्या राशि
कन्या राशि के भाग्य स्थान में चंद्रमा का गोचर निवेश से लाभ दिला सकता है। पैतृक संपत्ति से जुड़े विवाद सुलझने के संकेत हैं। नई योजनाओं और कार्यों में सफलता मिलने की संभावना है। विदेश से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक समाचार मिल सकता है।
राशि अनुसार क्या खरीदें, क्या होगा लाभ
अक्षय तृतीया को खरीदारी के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन राशि के अनुसार वस्तु खरीदना सौभाग्य में वृद्धि कर सकता है।
- सोना और तांबा: मेष और सिंह राशि के जातक स्वर्ण आभूषण या तांबे के बर्तन खरीदें। इससे ऊर्जा और आत्मबल में वृद्धि हो सकती है।
- चांदी और सफेद वस्तुएं: वृषभ और कर्क राशि के लिए चांदी का सिक्का या मोती खरीदना मानसिक और आर्थिक स्थिरता ला सकता है।
- कांसा और पन्ना: मिथुन और कन्या राशि के लोग कांसे के पात्र या हरे रंग की कीमती वस्तु खरीद सकते हैं। इससे व्यापार में उन्नति के संकेत हैं।
- गैजेट्स और आभूषण: तुला और वृश्चिक राशि के जातक नया इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या चांदी का गहना खरीद सकते हैं।
क्यों खास है 2026 की अक्षय तृतीया
अक्षय तृतीया को अबूझ मुहूर्त माना जाता है, यानी इस दिन किसी भी शुभ कार्य के लिए अलग से मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती। 2026 में इस तिथि पर चंद्रमा का उच्च राशि में होना इसे और भी विशेष बना रहा है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार यह दिन धन, समृद्धि और नए कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल रह सकता है।
अस्वीकरण : यह समाचार ज्योतिषीय गणनाओं और मान्यताओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी प्रदान करना है। किसी भी प्रकार का निवेश, खरीदारी या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।