
NTN NEWS REPORT// बिलासपुर दिनांक : 29 अक्टूबर 2025। बिलासपुर पुलिस ने नकाबपोश हमलावरों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए मस्तुरी शूटआउट के आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह (भा.पु.से.) के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने 7 आरोपियों को धर-दबोचा है, जिनमें 2 विधि से संघर्षरत किशोर भी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से देशी पिस्टल, देशी कट्टा, जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन समेत कई आपत्तिजनक सामान बरामद किए हैं।
पुलिस की सटीक पड़ताल — 100 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले मामले की गंभीरता को देखते हुए ए.सी.सी.यू. बिलासपुर (सायबर सेल) एवं थाना मस्तूरी की संयुक्त टीम गठित की गई थी। पुलिस टीम ने अज्ञात हमलावरों की पहचान के लिए 100 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले। लगातार साक्ष्य जुटाते हुए पुलिस ने एक-एक कड़ी जोड़ते हुए आरोपियों तक अपनी पहुंच बनाई और आखिरकार सभी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
घटना का पूरा घटनाक्रम — रंजिश और वर्चस्व की जंग ने लिया खूनी मोड़ जानकारी के अनुसार, मस्तुरी के निवासी नितेश सिंह (प्रार्थी) और मुख्य आरोपी विश्वजीत अनंत के बीच जमीन के लेनदेन, अतिक्रमण और राजनीतिक वर्चस्व को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। दोनों पक्षों के खिलाफ मस्तुरी और सिविल लाइन थाने में पहले से कई प्रकरण दर्ज हैं।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी विश्वजीत अनंत ने अपने भाइयों और साथियों के साथ मिलकर नितेश सिंह को जान से मारने की साजिश रची थी। 25 अक्टूबर 2025 को पहली बार हमला करने की कोशिश की गई, लेकिन योजना विफल रही। इसके बाद 28 अक्टूबर 2025 की शाम करीब 6 बजे, आरोपीगण दो मोटरसाइकिलों में सवार होकर मस्तुरी मेन रोड पहुंचे और नितेश सिंह व उसके साथियों पर लगातार गोलियां बरसाईं। इस हमले में राजू सिंह और चंद्रभान सिंह गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुए। दोनों को तत्काल अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया।
साजिश की जड़ में पैसे का लेनदेन : विवेचना में यह तथ्य भी सामने आया है कि तारकेश्वर पाटले ने मुख्य आरोपी विश्वजीत अनंत को ₹1 लाख नकद दिए थे, जिसे उसने अन्य आरोपियों में वितरित किया था। इस लेनदेन की पुलिस पुष्टि कर रही है।
गिरफ्तार आरोपी –
1️⃣ विश्वजीत अनंत पिता स्व. बलराम अनंत (29 वर्ष)
2️⃣ अरमान उर्फ बलमजीत अनंत पिता स्व. बलराम अनंत (29 वर्ष)
3️⃣ चाहत उर्फ विक्रमजीत अनंत पिता स्व. बलराम अनंत (19 वर्ष)
4️⃣ मोहम्मद मुस्तकीम उर्फ नफीस पिता मोहम्मद मुख्तार (29 वर्ष)
5️⃣ मोहम्मद मतीन उर्फ मॉन्टू पिता मोहम्मद मुख्तार (22 वर्ष)
6️⃣ दो विधि से संघर्षरत किशोर
बरामद सामग्री – देशी पिस्टल – 02 नग, देशी कट्टा – 01 नग, मैगजीन – 05 नग , जिंदा कारतूस – 04 नग, फायर आर्म्स से चले 13 खाली खोखे, बुलेट – 10 नग , मोबाइल फोन – 05 नग।
कानूनी कार्रवाई : थाना मस्तुरी में अपराध क्रमांक 736/25 दर्ज किया गया है, जिसमें धारा 109, 3(5) भारतीय न्याय संहिता (बी.एन.एस.) एवं 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध है। पुलिस का कहना है कि अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और सभी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी रजनेश सिंह बोले — “कोई नहीं बचेगा”
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह ने कहा कि — “मस्तुरी शूटआउट जैसे जघन्य अपराधों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और फील्ड इन्वेस्टिगेशन के आधार पर तेजी से काम करते हुए अपराधियों को पकड़ लिया है। जो भी इस घटना में शामिल होगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।”
बिलासपुर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से जिलेभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। मस्तुरी शूटआउट केस में यह सफलता पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।