
NTN NEWS REPORT// रायपुर। छत्तीसगढ़ में डिस्टिक मिनरल फाउंडेशन (डी.एम.एफ.) फंड घोटाले की जांच के तहत आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने मंगलवार 29 अक्टूबर को तड़के प्रदेशभर में एक साथ बड़ी छापेमार कार्रवाई की। ब्यूरो की टीमों ने रायपुर, दुर्ग-भिलाई, राजनांदगांव और धमतरी जिलों में कुल 14 स्थानों पर फर्मों और उनके संचालकों के परिसरों पर दबिश दी।

बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई अपराध क्रमांक 02/2024 के तहत की गई, जिसकी जांच भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 और 12, तथा भा.द.वि. की धाराएं 420, 120-बी, 467, 468, 471 के अंतर्गत चल रही है।
🔍 कहां-कहां हुई छापेमारी
रायपुर: 06 स्थानों पर
दुर्ग-भिलाई: 02 स्थानों पर
राजनांदगांव: 05 स्थानों पर
धमतरी: 01 स्थान पर
कुल मिलाकर 14 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई करते हुए ईओडब्ल्यू की टीमों ने महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य, बैंक स्टेटमेंट्स, चल-अचल संपत्ति के दस्तावेज तथा कई अन्य अहम रिकॉर्ड बरामद किए हैं।
💼 सामने आए बड़े खुलासे
छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों से प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि डी.एम.एफ. फंड के ठेकों में राज्य के कई जिलों के लोकसेवकों को कमीशन देकर कार्यादेश प्राप्त करने, फर्जी बिलिंग, वाउचर हेरफेर, और जीएसटी रिटर्न्स में गड़बड़ी जैसी अनियमितताएं की गई हैं।
ईओडब्ल्यू अधिकारियों के मुताबिक, जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल डाटा का विस्तृत विश्लेषण जारी है। इनसे जुड़े वित्तीय लेन-देन और संभावित लाभार्थियों की पहचान की जा रही है।
⚖️ जांच आगे बढ़ी
EOW के सूत्रों के अनुसार, बरामद साक्ष्यों का परीक्षण पूरा होने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। प्रारंभिक जांच में कई फर्मों और अफसरों के बीच मिलीभगत के प्रमाण मिलने की बात भी सामने आई है।
पृष्ठभूमि : डी.एम.एफ. (District Mineral Foundation) फंड का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए धन का उपयोग करना है, लेकिन बीते कुछ समय से इस फंड के दुरुपयोग की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। इसी मामले में ईओडब्ल्यू ने यह कार्रवाई शुरू की है।
ईओडब्ल्यू की यह छापेमारी प्रदेश में चल रहे सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में से एक की जांच को नया मोड़ दे सकती है।