
NTN REPORT// रायपुर। सूरजपुर जिले में प्रधान आरक्षक की पत्नी और 11 वर्षीय बेटी की नृशंस हत्या तथा दुष्कर्म के मामले में फास्ट ट्रैक न्यायालय द्वारा तीन दोषियों को फांसी और एक अन्य दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के फैसले का भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने स्वागत किया है। भाजयुमो के प्रदेश महामंत्री जितेन्द्र देवांगन ने इसे न्याय व्यवस्था पर जनता के विश्वास को मजबूत करने वाला फैसला बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।
जितेन्द्र देवांगन ने कहा कि प्रधान आरक्षक के परिवार के साथ हुई बर्बरता के मामले में दोषियों को मिली कठोर सजा न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से समाज में यह संदेश जाता है कि जघन्य अपराध करने वालों को कानून के तहत कठोर दंड का सामना करना पड़ सकता है।
कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप
भाजयुमो प्रदेश महामंत्री जितेन्द्र देवांगन ने इस मामले को लेकर कांग्रेस पर राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि मामले में कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई के तत्कालीन सूरजपुर जिलाध्यक्ष चंद्रकांत उर्फ सीके चौधरी की संलिप्तता सामने आई थी और उसे भी फांसी की सजा सुनाई गई है।
देवांगन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के राजनीतिक चरित्र पर इस मामले को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कांग्रेस पर अपराधियों को संरक्षण देने और उन्हें संगठन में पद देने का आरोप लगाते हुए कहा कि अपराध और राजनीति के बीच किसी भी तरह का गठजोड़ लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।
उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से ऐसे मामलों में अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग भी की।
साय सरकार में कानून के राज का किया दावा
जितेन्द्र देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार, सूरजपुर हत्याकांड में पुलिस और अभियोजन पक्ष की कार्रवाई तथा न्यायालय का फैसला इसी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि अदालत ने मामले की गंभीरता, क्रूरता और सुनियोजित तरीके से किए गए अपराध को देखते हुए दोषियों को कठोर सजा सुनाई है। देवांगन ने कहा कि प्रदेश सरकार का स्पष्ट संदेश है कि अपराध करने वाले व्यक्ति की राजनीतिक पहचान, पद या प्रभाव कानून से ऊपर नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले जघन्य अपराधों में त्वरित जांच, ठोस साक्ष्य और प्रभावी अभियोजन के माध्यम से दोषियों को सजा दिलाना आवश्यक है।
मंदिर हसौद क्षेत्र के मामले को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना
भाजयुमो प्रदेश महामंत्री ने रायपुर जिले के मंदिर हसौद थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बकतरा में एक महिला से कथित जबरन शारीरिक संबंध बनाने, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में कांग्रेस से जुड़े बताए जा रहे युवा नेता उपेंद्र भारती के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा।
देवांगन ने कहा कि महिला द्वारा लगाए गए आरोप गंभीर हैं। उनके अनुसार, मामले में महिला को प्रताड़ित करने, विरोध करने पर मारपीट करने और उसके बच्चों सहित पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी देने के आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान की बात करने वाली कांग्रेस को ऐसे मामलों में अपनी स्पष्ट प्रतिक्रिया देनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से सवाल किया कि संबंधित नेता के खिलाफ लगे आरोपों पर पार्टी क्या रुख अपनाएगी और क्या मामले में संगठनात्मक स्तर पर कोई कार्रवाई की जाएगी।
निष्पक्ष जांच और कानून के तहत कार्रवाई पर जोर
देवांगन ने कहा कि महिलाओं के विरुद्ध अपराधों के मामलों में राजनीतिक दलों को किसी भी तरह का दोहरा रवैया नहीं अपनाना चाहिए। उन्होंने संबंधित मामलों में निष्पक्ष जांच, साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई और पीड़ितों को न्याय दिलाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
भाजयुमो प्रदेश महामंत्री ने दोहराया कि कानून का पालन सुनिश्चित करना शासन और प्रशासन की जिम्मेदारी है तथा किसी भी व्यक्ति को उसके राजनीतिक संबंधों के आधार पर कानूनी कार्रवाई से छूट नहीं मिलनी चाहिए।