‘मकसद साफ हो तो हाथ में हाथ होता है’—अखिलेश का संदेश
NTN REPORT// अखिलेश यादव ने 4 अक्टूबर को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर गठबंधन और सीट बंटवारे को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने लिखा कि जब मकसद स्पष्ट होता है तो साथ मिलकर आगे बढ़ना आसान होता है। इसके बाद उन्होंने सीटों की संख्या से ज्यादा गठबंधन की सामूहिक जीत को प्राथमिकता देने की बात कही।

अखिलेश यादव ने कहा कि गठबंधन में कितनी सीटें किस दल को मिलती हैं या कौन-सी सीट किसके हिस्से में जाती है, यह सबसे बड़ा मुद्दा नहीं है। उनका कहना है कि सभी सहयोगी दलों को मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि चुनाव में गठबंधन की जीत हो।
उन्होंने अपने संदेश में दोहराया—“बात सीट की नहीं, जीत की है।”
लोकतंत्र, संविधान और आरक्षण का भी किया जिक्र
अखिलेश यादव ने गठबंधन की संभावित जीत को केवल राजनीतिक दलों की जीत तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने इसे लोकतंत्र, संविधान, आरक्षण और सामाजिक सौहार्द की रक्षा के लिए किए जा रहे साझा प्रयास से जोड़ते हुए अपनी बात रखी।
उन्होंने कहा कि साझा प्रयासों का उद्देश्य देश में सामाजिक सौहार्द को मजबूत करना और विकास एवं खुशहाली को आगे बढ़ाना है। अपने संदेश के अंत में अखिलेश यादव ने “जय संविधान-जय हिंदुस्तान!” लिखा।
सीटों की दावेदारी को लेकर जारी है खींचतान
अखिलेश यादव का यह बयान ऐसे समय आया है जब सपा और कांग्रेस के बीच विधानसभा सीटों के बंटवारे को लेकर सार्वजनिक रूप से अलग-अलग बयान सामने आ रहे हैं। कांग्रेस की ओर से बड़ी संख्या में सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी की बात कही गई है। कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने भी सीटों को लेकर पार्टी की दावेदारी का जिक्र किया है।
वहीं, सपा की ओर से सीटों की संख्या के बजाय मजबूत और जीत की स्थिति वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता देने की बात सामने आ रही है। ऐसे में सीटों के बंटवारे पर अंतिम सहमति अभी बाकी है।
भाजपा का पलटवार—‘गठबंधन नहीं, लठबंधन’
अखिलेश यादव के बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने पलटवार किया है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने सपा-कांग्रेस के बीच चल रही बयानबाजी पर तंज कसते हुए गठबंधन को ‘लठबंधन’ करार दिया।
राकेश त्रिपाठी ने दावा किया कि सपा और कांग्रेस के नेता एक-दूसरे के खिलाफ बयान दे रहे हैं और दोनों दलों के बीच आपसी बातचीत तथा तालमेल को लेकर स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों दल एक-दूसरे की राजनीतिक स्थिति पर सवाल उठा रहे हैं।
भाजपा प्रवक्ता ने अखिलेश यादव के सोशल मीडिया संदेश पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अब गठबंधन के सहयोगियों को सोशल मीडिया के माध्यम से संदेश दिए जा रहे हैं। उनके अनुसार, सपा और कांग्रेस के नेताओं के बीच सार्वजनिक बयानबाजी गठबंधन के भीतर मतभेदों को दर्शाती है।
अब सीट बंटवारे पर नजर
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन की दिशा में सीट बंटवारा सबसे अहम मुद्दों में से एक बना हुआ है। अखिलेश यादव ने जहां सीटों की संख्या से ऊपर गठबंधन की सामूहिक जीत को रखा है, वहीं कांग्रेस की ओर से भी अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी संबंधी बयान सामने आए हैं।
ऐसे में अब नजर इस बात पर है कि दोनों दल सीटों के बंटवारे को लेकर किस फार्मूले पर सहमत होते हैं और सार्वजनिक बयानबाजी के बीच गठबंधन की चुनावी रणनीति किस रूप में सामने आती है।
स्रोत: सार्वजनिक रूप से उपलब्ध समाचार रिपोर्ट एवं संबंधित नेताओं के बयान। अस्वीकरण: यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।